अवैध निर्माण/अतिक्रमणों के मामलों में नहीं चलेगी मनमानी, जेडीए में लागू किया EMS, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः जेडीए में अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत के मामलों में अब मनमानी नहीं चलेगी. इन मामलों में दर्ज शिकायतों पर कब क्या की गई कार्यवाही, इसकी जेडीए आयुक्त के स्तर पर की जा सकेगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग. 

जेडीए में अवैध निर्माण,पार्क, सुविधा क्षेत्र और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की रोजाना कई शिकायतें मिलती है. इन शिकायतों को लेकर अक्सर ये आरोप लगते हैं कि बार-बार शिकायत दर्ज करने के बावजूद कई मामलों में जेडीए की प्रवर्तन शाखा की ओर से कार्रवाई नहीं होती है, तो कई मामलों में नोटिस तो दिए जाते हैं, लेकिन नोटिस की अवधि पूरी हुए काफी समय बीतने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं होती है. इसे देखते हुए जेडीए की ओर से जेडीए वेब पोर्टल पर शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कराने की व्यवस्था पहले से ही लागू की जा चुकी है. लेकिन अब दर्ज शिकायतों पर की जाने वाली कार्यवाही की मॉनिटरिंग के लिए जेडीए में ऑनलाइन एन्फोर्समेंट मॉनिटरिंग सिस्टम (EMS)लागू किया गया है. आपको बताते हैं कि इस सिस्टम के माध्यम से किस तरह की जाएगी मॉनिटरिंग-

जेडीए से बड़ी खबर
अवैध निर्माण/अतिक्रमणों के मामलों में नहीं चलेगी मनमानी
शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने,नोटिस देकर खानापूर्ति करने
और अधूरी तोड़फोड़ करने की अब नहीं चलेगी मनमानी
JDC के स्तर पर अब की जा सकेगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
जेडीए में लागू किया EMS(एन्फोर्समेंट मॉनिटरिंग सिस्टम)
JDC सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर लागू किया यह सिस्टम
शिकायत पर की गई समस्त कार्यवाही करनी होगी ऑनलाइन दर्ज
इस कार्यवाही पर JDCके अलावा,पुलिस उप महानिरीक्षक,
मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन व उप नियंत्रक प्रवर्तन रख सकेंगे "नजर"
अवैध निर्माण/अतिक्रमण की कुल कितनी शिकायतें हुई दर्ज
किस शिकायत पर अब तक क्या की गई कार्यवाही
किस प्रवर्तन अधिकारी के पास कितनी शिकायतें हैं लंबित
किस कैटेगिरी की कितनी शिकायतें हैं लंबित
इसको लेकर अधिकारियों को मिलेगी अब ऑनलाइन जानकारी
मामले में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था की लागू
जेडीए पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था हाल ही की थी लागू
लेकिन अब शिकायत पर प्रवर्तन अधिकारी की ओर से निरीक्षण,
नोटिस देने,नोटिस के जवाब जोन उपायुक्त को भेजने,
उपायुक्त की ओर से जवाब का परीक्षण करने,उसे वापस भेजने
और कार्रवाई की स्वीकृति लेने तक की प्रक्रिया को किया ऑनलाइन

फाइलिंग सिस्टम राजकाज की तर्ज पर ऑनलाइन EMSमें होगा काम
JDC सिद्धार्थ महाजन ने प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों
और जोन उपायुक्तों को दिए निर्देश
शिकायत पर की जाने वाली कार्यवाही EMSपर करने के दिए निर्देश
EMSपर किस तरह की जाएगी कार्यवाही,इसके लिए तय की SOP
SOP में शिकायत के निस्तारण की प्रकिया की गई निर्धारित

ऑफलाइन प्राप्त शिकायतों को भी की किया जाएगा ऑनलाइन
EMS पर अपलोड कर किया जाएगा ऑनलाइन
प्रवर्तन शाखा के कंट्रोल रूम,प्रवतर्न अधिकारी और
जोन उपायुक्तों की ओर से ये शिकायतें की जाएंगी ऑनलाइन
क्षेत्र निरीक्षण के दौरान अगर प्रवर्तन अधिकारी के आता है संज्ञान में
कोई अवैध निर्माण या अतिक्रमण आता है सामने
तो प्रवर्तन अधिकारी स्व प्रेरणा से प्राप्त शिकायतों को करेंगे दर्ज
इसी ऑनलाइन EMSपर इन शिकायतों को करेंगे दर्ज

जेडीए में अवैध निर्माण और अतिक्रमणों की शिकायतों के निस्तारण के लिए लागू इस एन्फॉर्समेंट मॉनिटरिंग सिस्टम में शिकायतों को तीन अलग-अलग कैटेगिरी में बांटा गया है. हर कैटेगिरी की शिकायत के निस्तारण के लिए अलग-अलग प्रक्रिया SOP के माध्यम से तय की गई है.

जेडीए से बड़ी खबर
जेडीए में ऑनलाइन किया एन्फोर्समेंट मॉनिटरिंग सिस्टम (EMS)
अवैध निर्माण/अतिक्रमण पर समस्त कार्यवाही होगी ऑनलाइन
अवैध निर्माण/अतिक्रमणों की शिकायतों को बांटा गया है तीन कैटेगिरी में
रेड कैटेगिरी में सरकारी/जेडीए स्वामित्व की भूमि,सड़क,पार्क,
अन्य सार्वजनिक व सुविधा क्षेत्र पर अतिक्रमण संबंधी है शिकायतें
ऑरेंज कैटेगिरी में 500 वर्गमीटर से अधिक भूखंड पर और
तीन मंजिल से अधिक भवन विनियमों के विपरीत किए निर्माण
और अवैध कॉलोनियां बसाने संबंधी शिकायत की गई हैं शामिल
जबकि ग्रीन कैटेगिरी में 500 वर्गमीटर तक के भूखंड पर और
तीन मंजिल तक भवन विनियमों के विपरीत निर्माण किए हैं शामिल
तीनों कैटेगिरी की शिकायतों के निस्तारण की अलग-अलग प्रकिया की तय
तीनों कैटेगिरी की शिकायतों निस्तारण प्रक्रिया की अवधि की निर्धारित
निस्तारण प्रक्रिया में किस अधिकारी को कितने दिन में करना होगा
EMS की SOP में इसे किया गया है निर्धारित
रेड कैटेगिरी में शामिल शिकायत के दर्ज होने से लेकर की निर्धारित
कार्रवाई के लिए सक्षम स्वीकृति लेने तक की समय-सीमा की निर्धारित
25 दिन का समय किया गया है निर्धारित
ऑरेंज कैटेगिरी की शिकायतों के लिए यह अवधि है 28 दिन और
ग्रीन कैटेगिरी की शिकायतों के मामले में यह अवधि है 16 दिन

जेडीए पोर्टल पर SUBMIT YOUR GRIEVANCE पर होती है दर्ज
यहां पर दर्ज शिकायत सबसे पहले पहुंचेगी कंट्रोल रूम में
प्रवर्तन शाखा का कंट्रोल रूम शिकायत की करेगा जांच
शिकायत जेडीए से संबंधित नहीं होने पर कंट्रोल रूम करेगा सूचित
शिकायतकर्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर करेगा सूचित
शिकायत जेडीए से संबंधित होने पर इसे भेजा जाएगा प्रवर्तन अधिकारी को
यह शिकायत प्रवर्तन अधिकारी के साथ ही जोन उपायुक्त और
जोन के अधिशासी अभियंता के ऑनलाइन डैशबोर्ड पर दिखाई देगी      

दर्ज शिकायत पर प्रवर्तन अधिकारी मौका मुआयना करेंगे
निरीक्षण रिपोर्ट व अतिक्रमण/ अवैध निर्माण की फोटो EMS पर करेंगे अपलोड
मामले में जारी किया जाने वाला नोटिस भी EMS पर किया जाएगा जनरेट
नोटिस पर प्रभावित पक्ष के जवाब जोन उपायुक्त को भेजने,
जवाब का परीक्षण कर रिपोर्ट दुबारा प्रवर्तन अधिकारी को भेजने,
अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रकरण सक्षम स्वीकृति के लिए भेजने और
स्वीकृति के बाद मौके पर कार्रवाई कर प्रकरण निस्तारण की होगी कार्यवाही
यह समस्त कार्यवाही होगी ऑनलाइन EMS पर