जयपुर: ओबीसी वोट बैंक को लुभाने की कवायद में जुटी कांग्रेस ने अब अपने ओबीसी डिपार्टमेंट में एक अलग से महिला विंग का गठन किया है. महिला विंग में टोटल देशभर से 41 महिला नेताओं को शामिल किया गया है. खास बात है कि इस नई विंग की कमान राजस्थान की पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य को दी गई है. वहीं विंग में सबसे ज्यादा राजस्थान से 9 महिलाओं को शामिल किया गया है.
लगातार तीन लोकसभा चुनाव में हार का मुंह देखने के बाद कांग्रेस का अब पूरा फोकस ओबीसी वोट बैंक पर है. कांग्रेस रणनीतिकारों का मानना है कि जब तक ओबीसी वर्ग साथ नहीं जुटेगा तब तक सत्ता हासिल करना टेढ़ी खीर है. लिहाजा ओबीसी वर्ग को लुभाने के लिए पहले कांग्रेस ने पहले जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया तो वहीं अब महिला आरक्षण में ओबीसी वर्ग की महिलाओं को अलग से आऱक्षण देने का नया सुर छेड़ दिया है. इस डिमांड को पूरा करने के लिए कांग्रेस ने अब ओबीसी विभाग में एक अलग से ही महिला विंग का गठन कर दिया है. कांग्रेस में हालांकि महिला कांग्रेस यूनिट ऑलरेडी पहले से गठित है. लेकिन यह नई विंग स्पेसिफिक महिला आऱक्षण में ओबीसी वर्ग की महिलाओं को अलग से स्पेशल आरक्षण देने के मसले पर काम करेगी.
कांग्रेस का "मिशन ओबीसी वोट बैंक"
-जातिगत जनगणना के बाद कांग्रेस की अब नई डिमांड
-महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं को अलग से मिले आरक्षण
-इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अलग से खास महिला विंग का किया गठन
-ओबीसी वर्ग की 41 महिला नेताओं की बनाई कांग्रेस ने नई विंग
-नई विंग की कमान दी राजस्थान की पूर्व विधायक सुचित्रा आर्य को
-विंग में सबसे ज्यादा राजस्थान से 9 महिला नेताओं किया शामिल
-नीमा चौधरी,दिव्या गुर्जर,अंकलेश जाखड़,समा बानो,सवेरा रंक, उमा करल
-सरिता चौधरी और कामिनी गुर्जर को किया विंग में शामिल
-नई विंग स्पेसिफिक ओबीसी महिलाओं के अलग आरक्षण पर करेगी वर्किंग
-जल्द दिल्ली में महिला विंग की होगी पहली बैठक
-महिला आरक्षण में ओबीसी कोटे की मांग को लेकर चलेगा फिर जनजागरण अभियान
दरअसल कांग्रेस को महिलाओं के 33 फीसदी आरक्षण से बिल्कुल कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन कांग्रेस रणनीतिकारों की मांग है कि महिला आरक्षण में एससी और एसटी के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग को भी अलग से आरक्षण दिया जाए. दरअसल कोटे में कोटा देने की इस मांग के पीछे कांग्रेस थिंक टैंक का मकसद चुनाव में सियासी माइलेज लेना है. क्योंकि माना जाता है कि ओबीसी की आबादी पूरे देश में करीब 60 फीसदी है..ऐसे में ओबीसी वर्ग की महिलाओं के बड़े वोट बैंक पाने के लिए कांग्रेस ने इस मुद्दे को तूल देना अभी से शुरु कर दिया है.
जल्द ही दिल्ली में महिला विंग की पहली बैठक होगी. जिसमें विस्तार से कोटे में कोटा मुद्दे को लेकर चर्चा होगी. उसके बाद एक एक्शन प्लान बनाया जाएगा. फिर देशभर में इसको लेकर एक सघन मूवमेंट चलाया जाएगा. जिसके तहत सम्मेलन,संगोष्ठी और धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे. अब देखते है कि जातिगत जनगणना औऱ कोटे में कोटा जैसी मांगों का कांग्रेस को चुनावों में कितना फायदा मिलता है.