RCA में चुनावी हलचल, वरिष्ठ IAS भास्कर सावंत को चुनाव की जिम्मेदारी, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से जिस तरह प्रदेश में पंचायत व निकाय चुनाव का रास्ता खुला है, उसी तरह कोर्ट के निर्देश पर ही राजस्थान क्रिकेट संघ में चुनाव आहट सुनाई देने लगी है. राजस्थान हाईकोर्ट ने वरिष्ठ आईएएस भास्कर सावंत को आरसीए में प्रशासक नियुक्त करके उनको चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी है. सावंत को 29 जुलाई तक चुनाव कार्यक्रम घोषित करके कोर्ट को इसकी सूचना देनी है. ऐसे में अब भास्कर सावंत चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयारी में जुट गए हैं. देखिए यह रिपोर्ट

पिछले करीब ढाई साल से एडहॉक कमेटी के भरोसे चल रही प्रदेश की क्रिकेट को अब आरसीए की चुनी हुई कार्यकारिणी संचालित करेगी. राजस्थान हाईकोर्ट ने बार-बार कार्यकाल बढवाने वाली एडहॉक कमेटी को भंग कर दिया है और भास्कर सावंत को प्रशासन नियुक्त करके उनको चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी है. कोर्ट ने प्रशासक को निर्देश दिया है कि वे 3 महीने के भीतर निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराएं. कोर्ट में अगली सुनवाई 29 जुलाई को होनी है और तब तक प्रशासन को कोर्ट में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देनी है. यानि सावंत को मतदाता सूची भी फाइनल करनी है और चुनाव अधिकारी भी नियुक्त करना है. चुनाव की पूरी प्रक्रिया तीन महीने में संपन्न करानी है. हालांकि भंग की गई एडहॉक कमेटी के सदस्यों ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और याचिका को बेतुका बताया, जिसके बाद सदस्यों को अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी. यानि अब आरसीए में चुनाव के द्वार खुल गए हैं. अब सारा दारोमदार प्रशासक भास्कर सावंत पर है.

प्रशासक भास्कर सावंत ने आरसीए चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है
चुनाव को लेकर सबसे बड़ी चुनौती मतदाता सूची तैयार करने की है
सावंत ने आरसीए के आधिकारिक रिकॉर्ड से मतदाता सूची ली है
सहकारिता विभाग से भी आरसीए की मौजूदा मतदाता सूची मंगवा ली है
दोनों सूचियों के आधार पर अब सावंत तैयार करेंगे ड्राफ्ट मतदाता सूची
साथ ही आरसीए के चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम भी तैयार करने में जुटे हैं
इस प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी कोर्ट में दी जाएगी
कोर्ट द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद चुनाव की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी
मतदान के दिन से 21 दिन पहले चुनाव का नोटिस जारी करना जरूरी होता
इसी दौरान मतदाता सूची पर आपत्तियों की सुनवाई भी होती है
आपत्तियों पर सुनवाई व कानूनी दांवपेंच खत्म होने के बाद ही फाइनल सूची तैयार होगी

इस बीच जिला संघों में भी चुनाव को लेकर सरगर्मी शुरू हो गई है. 33 जिला संघों में से जिन जिलो में एडहॉक कमेटी बनी है, वहां का कोई प्रतिनिधि चुनाव नहीं लड़ सकता. शेष जिलों में भी कई जिला पदाधिकारी ऐसे है, जो आरसीए के संविधान के अनुसार चुनाव लड़ने के हकदार नहीं है. ऐसे में कुछ चेहरे ही चुनाव लड़ने के दावेदार शेष रह जाते हैं. अब सवाल यही है कि आखिर कौन आरसीए का नया बॉस होगा और किसको कार्यकारिणी में जगह मिलेगी.       

आरसीए चुनाव की सरगर्मियां हुई तेज !
आखिर कार्यकारिणी में किसको मिलेगा मौका ?
क्या एडहॉक कमेटी में रह चुके लोगों को मिलेगा मौका ?
कई सदस्य तो दो-ढाई साल तक 'सत्तासुख' भोग चुके हैं
वहीं कुछ सदस्य विवादों में ही उलझे रहे इस दौरान
अब आरसीए के चुनाव में नए चेहरों को मिल सकता मौका
विवाद से दूर रहने वाले व क्रिकेट की समझ वालों को मिल सकता मौका
सभी की नजर एक ही बात पर, कौन होगा आरसीए का नया बॉस ?