RBSC की कार्यप्रणाली में बदलाव, फिजूलखर्ची पर लगाम... तकनीक का बेहतर इस्तेमाल, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अब सिर्फ परीक्षाएं ही नहीं, बल्कि अपनी कार्यप्रणाली में भी बदलाव ला रहा है. फिजूलखर्ची पर लगाम, तकनीक का बेहतर इस्तेमाल और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षा की अंकतालिकाएं ट्रकों से नहीं, बल्कि डाक विभाग की स्पीड पोस्ट के जरिए नोडल केंद्रों तक भेजी जा रही हैं. इससे न सिर्फ खर्च कम होगा, बल्कि हर मार्कशीट की ऑनलाइन ट्रैकिंग भी संभव होगी. 

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपनी वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए अंकतालिकाओं को भेजने का तरीका बदल दिया है. पहले मुख्य और पूरक परीक्षा की मार्कशीट विशेष वाहनों से पूरे प्रदेश में भेजी जाती थी, लेकिन पूरक परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद वही व्यवस्था अपनाई जाती थी, जिससे समय, श्रम और सरकारी धन तीनों की अधिक खपत होती थी.

बोर्ड अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ की पहल पर अब डाक विभाग की स्पीड पोस्ट सेवा का उपयोग किया जा रहा है. बोर्ड परिसर में ही डाक विभाग का कार्यालय होने से यह व्यवस्था और भी आसान हो गई. इस बार करीब 38 हजार अंकतालिकाएं प्रदेश के 190 नोडल केंद्रों पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी गई हैं.

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब विद्यालयों के प्रधानाचार्य स्पीड पोस्ट की ऑनलाइन ट्रैकिंग के जरिए अंकतालिकाओं की स्थिति देख सकेंगे. इससे वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी. साथ ही परिवहन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी काफी कम हो जाएगा.

1. RBSE का बड़ा इनोवेशन

2. अब स्पीड पोस्ट से पहुंचेगी मार्कशीट

3. 190 नोडल केंद्रों पर भेजी गईं 38 हजार अंकतालिकाएं

4. ट्रकों की जगह डाक सेवा, खर्च में बड़ी बचत

5. ऑनलाइन ट्रैकिंग से बढ़ी पारदर्शिता     

बोर्ड का मानना है कि यह सिर्फ एक बदलाव नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक और किफायती बनाने की शुरुआत है. आने वाले समय में भी विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था के हित में ऐसे नवाचारों को प्राथमिकता दी जाएगी.