जयपुर : राज्यसभा चुनावों को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में हरियाणा, ओडिशा और बिहार में कांग्रेस विधायकों द्वारा हुई क्रॉस वोटिंग बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हमारे नेता राहुल गांधी जी एवं मल्लिकार्जुन खरगे जी लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
ऐसे समय में यह समझ से परे है कि वोट दिखाने के बावजूद विधायक क्रॉस वोटिंग की हिम्मत कर रहे हैं. इससे मुझे राजस्थान में 2018 से 2023 के बीच हुए राज्यसभा चुनावों की याद आई जिनमें हमने पार्टी हाईकमांड एवं पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई.
कांग्रेस के 102 विधायक होते हुए भी 126 विधायकों के वोट कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों के पक्ष में मिले जबकि इन अतिरिक्त 24 विधायकों का वोट कांग्रेस पर्यवेक्षक नहीं देख सकते थे. बिना किसी लोभ लालच ये केवल हाईकमांड के हमारे ऊपर विश्वास से जो गुडविल बनी उससे संभव हो सका.
अब सबसे बड़ी जरूरत राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के नियम बदलने की महसूस हो रही है जिसकी मांग कांग्रेस को करनी चाहिए. यदि कोई विधायक राज्यसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ जाकर वोट दे तो उसकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए. केवल वोट दिखाकर मतदान की प्रक्रिया अब राज्यसभा चुनाव में हो रही खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए नाकाफी साबित हो रही है.