जयपुर: पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बयानों ने कांग्रेस की अंदरूनी ही नहीं बल्कि पूरे सूबे की सियायत को उफान पर ला दिया. गहलोत के बयान ने कांग्रेस के भीतर मौजूद पुराने मतभेदों को फिर चर्चा में ला दिया है. वहीं भाजपा को बैठे बिठाए मुद्दा मिला गया. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस नेता मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं, लेकिन उनकी राजनीति में मोहब्बत दिखाई नहीं देती, यह कैसी मोहब्बत है जो अपनी ही पार्टी के लोगों के बीच बांटी जा रही है.
BJP नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अंतर कलह से उबर नहीं पाई है..कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर आने से रोकने की साजिश को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बयानों पर तेज गर्मी में राजनीतिक पारा चढ़ गया है... भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्यसभा उम्मीदवार डॉ सतीश पूनिया,पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत को घेरा.. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस के अंदरूनी विवाद को लेकर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेता मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं, लेकिन उनकी राजनीति में मोहब्बत दिखाई नहीं देती. शेखावत ने कहा कि यह कैसी मोहब्बत है जो अपनी ही पार्टी के लोगों के बीच बांटी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत स्वार्थ, महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति और राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपने ही सहयोगियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास करते हैं. शेखावत ने कहा कि अपनी लाइन लंबी करने के बजाय दूसरों की लाइन मिटाने की राजनीति कांग्रेस में लंबे समय से चल रही है और आज भी वही स्थिति दिखाई दे रही है.
भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता डॉ. सतीश पूनिया ने भी कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाए. पूनिया ने कहा कि कांग्रेस लगातार आभासी राजनीति में उलझी हुई है और आत्मविश्लेषण करने से बच रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह समझने का प्रयास नहीं कर रही कि जनता लगातार उसे क्यों नकार रही है. पूनिया के अनुसार कांग्रेस गंभीर अंतर्कलह से गुजर रही हैराजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर कहा कि कांग्रेस में अंतर्कलह कोई नई बात नहीं है. यह स्थिति पिछले दस वर्षों से लगातार बनी हुई है, पुराने चांवल है जो खटक रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को भाजपा की चिंता छोड़कर अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए. चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा, जो उनके घर को खटक रहा है, पहले उसे देखें. हमारे घर को देखने की बजाय अपना घर संभालें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और आपसी संघर्ष खुलकर सामने आ रहा है, जिससे पार्टी की वास्तविक स्थिति उजागर हो रही है.
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान पर तंज कसते हुए कहा कि गहलोत साहब को अब कांग्रेस आलाकमान पूछ नहीं रहा है. इसलिए वह विद्रोही तेवर दिखाकर दोबारा आलाकमान में अपना स्थान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. राठौड़ ने कहा कि गहलोत के दर्द की अभी तक कोई दवा नहीं हुई है और जब भी उन्हें मौका मिलता है, उनका दर्द बाहर आ जाता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान स्थिति किसी से छिपी नहीं है. पार्टी की ए और बी टीम लगातार एक-दूसरे पर गोल दाग रही हैं, जिससे कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ रही है.
मानेसर का घटनाक्रम उस समय का है जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया थे. तब भी पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने उन पर आरोप जड़े थे. अब फिर जब सतीश पूनिया राज्यसभा में बीजेपी के उम्मीदवार बने है मानेसर का जिन्न बाहर आ गया.