VIDEO: खेल प्रतिभाओं की पाठशाला, खेलो, सीखो, जीतों, माउंट आबू से जयपुर तक खिलाड़ियों को मिलेगी फ्री ट्रेनिंग, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान के उभरते खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर.राज्य खेल परिषद ने आज से केंद्रीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आगाज कर दिया है.माउंट आबू से इसकी शुरुआत हुई है.फिर बांसवाड़ा में खेल प्रतिभाओं को तराशा जाएगा.तीसरा शिविर राजधानी जयपुर में लगेगा.जहां पर अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं के बीच प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं को बड़ा मंच दिया जाएगा. 

प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में राज्य खेल परिषद ने अपनी ही पुरानी पंरपरा का बरकरार रखा है. स्कूलों में गर्मियों की छुट्टिया हो गई है. तो खिलाड़ियों को मैदानों तक लाने की कवायद शुरू हो गई है. खेल परिषद हर साल तीन ट्रेनिंग कैंप माउंट आबू, बांसवाड़ा व जयपुर में आयोजित करती है. माउंट आबू में आज से शुरुआत हो गई है. यहां पर प्रदेश के सैकड़ों खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल उपलब्ध कराया जाएगा. यह शिविर केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के सपनों को उड़ान देने का एक सशक्त माध्यम बनने जा रहा है. 

4 से 24 जून तक हैंडबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स, तीरंदाजी और बॉक्सिंग जैसी खेल विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा. यहां 80 बालक और 80 बालिका सहित कुल 160 खिलाड़ी भाग लेंगे. खिलाड़ियों को निशुल्क आवास, भोजन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें. मुख्य खेल अधिकारी व द्रोणाचार्य अवार्डी वीरेंद्र पूनिया का दावा है कि ये कैंप महज औपचारिकता नहीं होंगे, बल्कि यहां से प्रतिभाओं को तलाश कर भविष्य के लिए तराशा भी जाएगा.

माउंट आबू के बाद बांसवाड़ा में 6 से 26 जून तक जनजाति कैंप लगेगा: 
-इस कैंप में वॉलीबॉल, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, कबड्डी, हॉकी
-खो-खो, फुटबॉल और हैंडबॉल जैसे खेलों में  ट्रेनिंग दी जाएगी
-प्रदेश की आदिवासी प्रतिभाओं को बड़ा मंच दिया जाएगा
-राजधानी जयपुर में भी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जाएगी
-जयपुर में फुटबॉल, क्रिकेट, जिम्नास्टिक, जूडो, हॉकी, कुश्ती,
-कबड्डी, भारोत्तोलन, खो-खो और साइक्लिंग के लिए कैंप लगेगा
-कैंप में खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीकी दक्षता और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सही मार्गदर्शन, अनुशासित प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास उसकी पहचान बनाते हैं. ऐसे में खेल परिषद की यह पहल उन खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का जज्बा रखते हैं. आज राजस्थान के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं.

यह प्रशिक्षण शिविर भी प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं को वही मंच देने का प्रयास है. खिलाड़ियों के लिए यह समय केवल प्रशिक्षण लेने का नहीं, बल्कि अपने लक्ष्य तय करने और खुद को नई चुनौतियों के लिए तैयार करने का है. खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष की सीख भी देता है. जो खिलाड़ी आज मैदान में पसीना बहाएंगे, वही कल देश और प्रदेश के लिए गौरव का कारण बनेंगे.