युद्ध ने 'खट्टे' किए अंगूर ! मुंबई से विदेश भेजे गए फल-सब्जियों के कंटेनर वापस लौटे, युद्ध से किसानों और एक्सपोर्टरों को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान 

युद्ध ने 'खट्टे' किए अंगूर ! मुंबई से विदेश भेजे गए फल-सब्जियों के कंटेनर वापस लौटे, युद्ध से किसानों और एक्सपोर्टरों को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान 

नई दिल्ली: युद्ध ने 'अंगूर खट्टे' किए! मुंबई से विदेश भेजे गए फल-सब्जियों के कंटेनर वापस लौटे. नासिक से भेजे गए अंगूर और केले के कई कंटेनर पोर्ट पर फंस गए है. शिपिंग कंपनियों के वॉर रिस्क सरचार्ज,एक्सपोर्ट रुकने से नुकसान हुआ. युद्ध से किसानों और एक्सपोर्टरों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. 

बीते 12 दिनों से युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार धीमा है. इंडियन हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार 350 कंटेनर, जिनमें जल्द खराब होने वाले फल,सब्जियां थीं,अलग-अलग पोर्ट पर फंसे है. कुछ कंटेनरों को दुबई के दूसरे पोर्ट की तरफ भेजने की कोशिश की गई. लेकिन वहां भी बहुत ज्यादा लोड होने की वजह से परेशानी बढ़ गई. 

अंगूर के हर कंटेनर पर लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है. अंगूर के साथ-साथ केले का व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. अब केले की एक्सपोर्ट रेट 21 रुपए प्रति किलो से घटकर 13 रुपए प्रति किलो है.

युद्ध ने 'खट्टे' किए अंगूर !: 
-मुंबई से विदेश भेजे गए फल-सब्जियों के कंटेनर वापस लौटे
-नासिक से भेजे गए अंगूर और केले के कई कंटेनर पोर्ट पर फंसे
-शिपिंग कंपनियों के वॉर रिस्क सरचार्ज,एक्सपोर्ट रुकने से नुकसान 
-युद्ध से किसानों और एक्सपोर्टरों को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान 
-बीते 12 दिनों से युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार धीमा 
-इंडियन हॉर्टिकल्चर एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार 350 कंटेनर
-जिनमें जल्द खराब होने वाले फल,सब्जियां थीं,अलग-अलग पोर्ट पर फंसे
-कुछ कंटेनरों को दुबई के दूसरे पोर्ट की तरफ भेजने की कोशिश की गई
-लेकिन वहां भी बहुत ज्यादा लोड होने की वजह से परेशानी बढ़ गई
-अंगूर के हर कंटेनर पर लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान हो चुका
-अंगूर के साथ-साथ केले का व्यापार भी बुरी तरह हो रहा प्रभावित
-अब केले की एक्सपोर्ट रेट 21 रु.प्रति किलो से घटकर 13 रु.प्रति किलो