नाचना (जैसलमेर): सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से हुई अतिवृष्टि और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर करारा प्रहार किया है. क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश के साथ गिरे ओलों ने खेतों में तैयार खड़ी फसलों को जमीन पर बिछा दिया.
तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि खेतों में कटाई के लिए तैयार ईसबगोल, जीरा और चने, गेहूं की फसलें ओलों की मार से गिरकर खराब हो गई हैं. कई जगह फसलें पानी और कीचड़ में दब गईं, जिससे उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित हो गई है.
किसानों का कहना है कि पूरी सीजन की मेहनत एक ही झटके में बर्बाद हो गई. फसल तैयार थी, बस कटाई बाकी थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से सब कुछ खत्म हो गया.
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा), बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला, जिसका सबसे ज्यादा असर खेतों पर पड़ा है. पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तुरंत गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें इस भारी नुकसान से कुछ राहत मिल सके.