पारदर्शिता का असर... इनकम ने पकड़ी रफ्तार, सिंधी कैंप की कमाई पहली बार 1 करोड़ के पार, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में सिंधी कैंप बस स्टैंड की गैर-संचालन आय बढ़ाने के लिए किए गए सुधारों का बड़ा परिणाम सामने आया है. पारदर्शी प्रयासों के चलते सिंधी कैंप बस स्टैंड की मासिक आय 1 करोड़ के पार पहुँच गई है 

पारदर्शी निविदा प्रणाली, व्यावसायिक नवाचार और समयबद्ध प्रबंधन के कारण बस स्टैंड की मासिक गैर-संचालन आय अक्टूबर 2024 के 34.99 लाख रुपये से बढ़कर जून 2026 में 1 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. यह वृद्धि निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.एमडी पुरुषोत्तम शर्मा के निर्देश पर बस स्टैंड की व्यावसायिक गतिविधियों का व्यापक पुनर्गठन किया गया. सबसे पहले पुराने संचालित कैंटीन और स्टॉलों के अतिरिक्त नए स्टॉल विकसित कर उन्हें व्यवस्थित तरीके से प्लेटफॉर्मवार क्रमांक आवंटित किए गए. इससे व्यावसायिक गतिविधियों को नई दिशा मिली और अधिक दुकानदारों को अवसर प्राप्त हुआ.प्रबंधन ने पूरी निविदा प्रक्रिया को ऑनलाइन कर पारदर्शिता सुनिश्चित की. ई-निविदा प्रणाली लागू होने से केवल स्थानीय व्यापारियों तक सीमित प्रतिस्पर्धा समाप्त हुई और अन्य शहरों व राज्यों के इच्छुक कारोबारियों ने भी भाग लिया. व्यापक प्रतिस्पर्धा के कारण बेहतर दरें प्राप्त हुईं, जिससे निगम की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई.      

आय बढ़ाने की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी रहा कि किसी भी स्टॉल की लीज अवधि समाप्त होने से पहले ही नई निविदाएं जारी कर दी गईं. इससे स्टॉल लंबे समय तक खाली नहीं रहे और आय का नुकसान लगभग समाप्त हो गया. इसके साथ ही नियमित अंतराल पर निविदाएं जारी करने की व्यवस्था लागू की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया निरंतर और व्यवस्थित बनी रही.कम आय देने वाले स्टॉलों की पहचान कर उनका व्यावसायिक स्वरूप बदला गया. बदलती बाजार मांग के अनुसार इन स्थानों का पुनर्विकास किया गया, जिससे उनकी उपयोगिता और राजस्व दोनों में वृद्धि हुई. निगम ने पारंपरिक कार्यशैली से हटकर कई नवाचार भी किए. पहली बार निगम स्वयं बोलीदाता के रूप में निविदा प्रक्रिया में शामिल हुआ और नवीन भवनों को लीज पर देकर अतिरिक्त आय के नए स्रोत विकसित किए गए. इन सुधारों का सीधा असर निगम की आय पर दिखाई दिया. अक्टूबर 2024 में जहां सिंधी कैंप बस स्टैंड की गैर-संचालन आय 34,99,068 रुपये प्रतिमाह थी, वहीं जून 2026 तक यह बढ़कर 1,00,18,807 रुपये प्रतिमाह हो गई. यानी लगभग 20 महीनों में मासिक आय में करीब 65 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज हुई और कुल आय लगभग तीन गुना तक पहुंच गई.रोडवेज अधिकारियों का मानना है कि एमडी पुरुषोत्तम शर्मा की वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और नवाचार आधारित कार्यशैली ने निगम के राजस्व मॉडल को नई मजबूती प्रदान की है. सिंधी कैंप बस स्टैंड का यह मॉडल अब रोडवेज के अन्य प्रमुख बस स्टैंडों पर भी लागू किए जाने की तैयारी है, ताकि गैर-संचालन आय बढ़ाकर निगम को आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बनाया जा सके.