मन की बात में बोले प्रधानमंत्री मोदी, आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस, मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा

मन की बात में बोले प्रधानमंत्री मोदी, आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस, मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा

नई दिल्ली: साल 2026 का पहला मन की बात कार्यक्रम आयोजित हो रहा है. मन की बात कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने विचार रख रहे है. पीएम मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों, नमस्कार साल 2026 का यह पहला मन की बात है. कल हम सभी गणतंत्र दिवस का पर्व मनाएंगे. 26 जनवरी का यह दिन हमें संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है. आज 25 जनवरी का दिन भी अहम है, आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस है. मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है. मतदाता बनने को जीवन का एक सामान्य पड़ाव माना जाता है, लेकिन ये अवसर किसी भी नागरिक के जीवन का बड़ा अहम समय होता है. तो हम देश में मतदाता बनने का उत्सव मनाएं. जैसे हम जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं. 

स्टार्ट अप इंडिया की जर्नी:

पीएम मोदी ने कहा कि वैसे ही जब कोई युवा मतदाता बने तो पूरा मोहल्ला, गांव या शहर एकजुट होकर उसका अभिनंदन करें. इससे मतदान के प्रति जागरुकता बढ़ेगी. इन दिनों मैं सोशल मीडिया पर एक मजेदार ट्रेंड देख रहा हूं. लोग 2016 की अपनी यादों को ताजा कर रहे हैं. मैं भी आज आपसे अपनी एक याद को साझा करना चाहता हूं. आज से 10 साल पहले हमने एक शुरुआत की. मैं जिस जर्नी की बात कर रहा हूं, वह स्टार्ट अप इंडिया की जर्नी है. इसके हीरो हमारे युवा साथी हैं. जिन्होंने अपने कंफर्ट जोन से निकलकर जो इनोवेशन किए, वे इतिहास में दर्ज हो रहे हैं. आज भारत में दुनिया की तीसरा बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम बन रहा है. एआई, स्पेस, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाईड्रोजन, आदि अहम सेक्टर्स में भारतीय स्टार्टअप काम कर रहे हैं. मैं उन युवा साथियों को सैल्यूट करता हूं, जो स्टार्टअप से जुड़े हैं या शुरू करना चाहते हैं.

भजन और कीर्तन हमारी संस्कृति की ताकत: 
पीएम मोदी ने कहा कि भजन और कीर्तन हमारी संस्कृति की ताकत रहे हैं. आज की पीढ़ी भी कुछ नए कमाल कर रही है. युवाओं ने भक्ति को अपने अनुभव और जीवनशैली में ढाल दिया है. आपने ऐसे वीडियो जरूर देखे होंगे, जिसमें युवा इकट्ठा होते हैं. संगीत होता है और माहौल किसी कंसर्ट से जरा भी कम नहीं होता है. लेकिन वहां पूरी तनमयता के साथ भजन गाया जा रहा होता है. इसे भजन क्लबिंग कहा जा रहा है, यह खासकर Gen-Z  के बीच लोकप्रिय हो रहा है. ये देखकर अच्छा लगता है, भक्ति को हल्केपन में नहीं लिया जाता. मंच आधुनिक हो सकता है, लेकिन मूल भावना वही रहती है. आध्यात्म का निर्तर प्रवाह वहां अनुभव होता है. आज हमारी संस्कृति और त्योहार दुनियाभर में अपनी पहचान बना रहे हैं. मलेशिया में हमारा भारतीय समुदाय सराहनीय काम कर रहा है. मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं, इनमें तमिल के अलावा अन्य भाषाओं की भी पढ़ाई होती है.

फरवरी में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट:
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आप सभी की मिलेट के लिए सराहना करना चाहता हूं. मिलेट के प्रति लोगों में लगाव लगातार बढ़ रहा है. 2023 को हमने मिलेट वर्ष घोषित किया था. लेकिन आज तीन साल बाद भी इसे लेकर जो पैशन है वो उत्साहित करने वाला है. राजस्थान के रामसर में किसान मिलेट को लेकर इनोवेशन कर रहे हैं. यहां एक कंपनी से 900 से अधिक किसान जुड़े हैं. ये किसान बाजरे की खेती करते हैं, इससे लड्डू तैयार किया जाता है, जिसकी बहुत ज्यादा मांग है. कई मंदिर हैं जो अपने प्रसाद में सिर्फ मिलेट का उपयोग करते हैं. मिलेट से अन्नदाताओं की कमाई बढ़ने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य में सुधार का उदाहरण बनता है. सर्दियों के दिनों में हमें श्रीअन्न का सेवन जरूर करना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि फरवरी में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट होने जा रही है. इसमें दुनिया भर से एक्सपर्ट भारत आ रहे हैं. इसमें शामिल होने वाले हर किसी का मैं हृदय से अभिनंदन करता हूं. अगले मन की बात कार्यक्रम में इस पर जरूर चर्चा करेंगे. कल के गणतंत्र दिवस के लिए आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं.

लोग अब पर्यावरण को लेकर ज्यादा जागरूक:
पीएम मोदी ने कहा कि जब पर्यावरण संरक्षण की बात होती है तो बड़ी योजनाएं और बड़े संगठन की बात आती है. कई बार बदलाव की शुरुआत साधारण तरीके से होती है. लगातार की गई छोटी कोशिशों से भी बड़े बदलाव आते हैं. पश्चिम बंगाल के कूंचबिहार के रहने वाले बैनोई दास ने ऐसा ही प्रयास किया है. उन्होंने खुद के पैसों से हजारों पेड़ लगाए हैं. अब इलाके में हरियाली काफी ज्यादा बढ़ गई है. पर्यावरण की यही भावना बड़े स्तर पर भी दिखाई दे रही है. इसी सोच के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान चलाया जा रहा है. अब तक देश में 200 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं. लोग अब पर्यावरण को लेकर ज्यादा जागरूक हैं.

भारतीय उत्पादों की पहचान ही गुणवत्ता:
पीएम मोदी ने कहा कि AI, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी आप नाम लीजिए और कोई न कोई भारतीय स्टार्ट-अप उस सेक्टर में काम करते हुए दिख जाएगा. मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सलाम करता हूं, जो किसी-न-किसी स्टार्ट-अप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं. मैं युवाओं से एक आग्रह करना चाहता हूं कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. 'ऐसे में हम सभी पर एक बड़ी जिम्मेदारी है, वह है गुणवत्ता पर जोर देने की. चलता है वाला युग चला गया, इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को अहमियत दें और हम सिर्फ गुणवत्ता पर ध्यान दें. हम जो भी बना रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें. भारतीय उत्पादों की पहचान ही गुणवत्ता होनी चाहिए.