VIDEO: मेजबान तैयार, मैच का इंतजार, IPL आयोजन के लिए SMS स्टेडियम में बड़े बदलाव, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम युद्ध स्तर पर चलाए गए सुधारात्मक कार्यों के बाद आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए लगभग तैयार हो चुका. अब इंतजार है बीसीसीआई द्वारा मैच की मेजबानी सौंपने का. आईपीएल के पहले चरण में तो जयपुर में मैच नहीं होंगे, लेकिन दूसरे चरण में चार मैच होने की संभावना है. इस बीच आईपीएल के बहाने ही सही, करोड़ों रुपए खर्च करके एसएमएस स्टेडियम की सूरत बदलने लगी है. 

एक रिपोर्ट ने उड़ा दी थी खेल परिषद की नींद
-टाटा कंसल्टेंसी की रिपोर्ट में एसएमएस स्टेडियम हो गया था खारिज
-क्रिकेट मैच की मेजबानी के लिए उपयुक्त नहीं माना गया था स्टेडियम
-इसके बाद राज्य सरकार हुई एक्टिव, उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया
-आईपीएल की मेजबानी जयपुर से लगभग छीनने वाली थी
-लेकिन सरकार ने बीसीसीआई को दिया सफल मेजबानी का भरोसा
-खुद मुख्य सचिव ने संभाली पूरी कमान और फिर शुरू हुआ युद्ध स्तर पर काम
-खेल परिषद व आरसीए को साइडलाइन करके PWD से कराए गए काम
-PWD की टीम ने टाइमलाइन पर काम करते हुए बदल दी स्टेडियम की सूरत

अब आइये सबसे पहले आपको रिपोर्ट के बारे में बताते है. राजस्थान रॉयल्स ने टाटा कंसल्टेंसी के माध्यम से एक रिपोर्ट तैयार करवाई थी. यह रिपोर्ट खेल परिषद को प्रस्तुत की गई. इस रिपोर्ट में स्टेडियम की संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा भविष्य में बड़े आयोजनों के संचालन की क्षमता का आंकलन किया गया. रिपोर्ट में मुख्य रूप से पाँच प्रमुख मापदंडों के आधार पर स्टेडियम की समीक्षा की गई थी, जिनमें प्रमुख रूप से निम्न विषय सम्मिलित थे

रिपोर्ट के पांच पैरामीटर्स
1 स्टेडियम की संरचनात्मक स्थिति
2 अग्नि सुरक्षा एवं जीवन सुरक्षा प्रावधान
3 दर्शकों की बैठने की व्यवस्था एवं भीड़ प्रबंधन
4 इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल अवसंरचना
5 सार्वजनिक सुरक्षा एवं दर्शक सुविधाएँ

रिपोर्ट ने संकेत दिया कि अब स्टेडियम मैच आयोजन के लिए सुरक्षित नहीं है. राज्य सरकार के सामने जब यह मामला पहुंचा और बताया गया कि जयपुर से आईपीएल की मेजबानी छिनी जा सकती है, तो सरकार ने इसे चुनौती के रूप में लिया और अपने विशेषज्ञों की एक टीम के साथ स्टेडियम की वास्तविक तकनीकी स्थिति का पुनः परीक्षण किया. यह तय किया गया कि आवश्यक सुधारात्मक उपायों के माध्यम से इसे सुरक्षित एवं मैच आयोजन के लिए उपयोगी बनाया जाए.  इस कार्य के लिए अनुभवी तकनीकी सलाहकारों एवं क्रिकेट स्टेडियम अवसंरचना के विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई, जिन्हें लंबे समय से क्रिकेट स्टेडियमों के संचालन, रखरखाव तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन के दौरान अवसंरचना प्रबंधन का अनुभव रहा है. इस विशेषज्ञ टीम में संरचनात्मक इंजीनियरिंग के विशेषज्ञों तथा तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों की सेवाएँ भी ली गईं. विशेषज्ञों की राय के आधार पर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए PWD ने एक्शन प्लान तैयार किया. स्टेडियम के सिविल, संरचनात्मक, इलेक्ट्रिकल तथा अन्य अवसंरचनात्मक कार्यों को चरणबद्ध तरीके से करने का प्रस्ताव तैयार किया गया. एक्शन प्लान में कई प्रमुख काम शामिल किए गए, जिनमें से काफी पूरे कर लिए गए है.

संरचनात्मक एवं सिविल कार्य के साथ जनरल स्टैंड्स की संरचनात्मक मजबूती
-कंक्रीट क्रैक रिपेयर एवं एंटी-कोरोजन ट्रीटमेंट कार्य
-रिटेनिंग वॉल का सुदृढ़ीकरण व दर्शक दीर्घाओं के पीछे सुरक्षा रेलिंग की स्थापना
-सीढ़ियों एवं निकासी मार्गों का सुधार, दर्शकों की आवाजाही के लिए सुरक्षित मार्गों का विकास
-आपातकालीन निकासी मार्गों का विकास, फायर सेफ्टी प्रावधानों की समीक्षा एवं सुधार
-दर्शक दीर्घाओं में सुरक्षा रेलिंग एवं बैरियर की स्थापना, इलेक्ट्रिकल सुरक्षा व्यवस्था में सुधार
-स्टेडियम लाइटिंग सिस्टम में सुधार, एयर कंडीशनिंग सिस्टम का सर्विसिंग एवं सुधार
-सीवर एवं ड्रेनेज सिस्टम का सुधार, पेयजल व्यवस्था में सुधार
-ओवरहेड वाटर टैंक एवं फायर फाइटिंग सिस्टम की मजबूती
-जनरल स्टैंड में कुर्सियों के बीच काफी कम जगह है, कई जगह कुर्सियां हटाए गई

अधिकांश कार्यों के टेंडर जारी किए जा चुके हैं. संबंधित ठेकेदारों को साइट पर मोबिलाइज कर दिया गया है. अब तक 50 फीसदी से अधिक कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं. इन कार्यों को लगभग 25 मार्च तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे स्टेडियम IPL-2026 के आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार हो सके. उपरोक्त सुधारात्मक कार्यों के पूर्ण होने के पश्चात स्टेडियम BCCI एवं IPL मानकों के अनुरूप हो जाएगा. दर्शकों की सुरक्षा एवं सुविधा में महत्वपूर्ण सुधार होगा. फिलहाल तक मैच आयोजन के लिए स्टेडियम को तैयार किया जा रहा है, लेकिन अभी भी कई खामियां है, जिनका स्थाई समाधान होना चाहिए. स्टेडिमय में सीवरेज लाइन नहीं है. पेड़-पौधों व ग्राउंड्स के लिए ग्राउंड वाटर इस्तेमाल किया जाता है, जबकि यहां पर रिसाइकिल वाटर इस्तेमाल होना चाहिए.