जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में देशभर के डिजिटल बदलाव पर मंथन शुरू हो गया. राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया. दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप और नीति निर्माता देश के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने पर चर्चा कर रहे हैं. इस बार जयपुर में पहली बार हो रही ई गवर्नेंस सम्मेलन की थीम ‘विकसित भारत 2047: एआई एनेबल्ड, डेटा ड्रिवन और सिक्योर डिजिटल गवर्नेंस’ रखी गई है. उद्घाटन के साथ मुख्यमंत्री ने एनसीईजी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जहां राजस्थान के डिजिटल नवाचारों को प्रदर्शित किया गया.
अब सरकारी सेवाएं एक क्लिक पर, लॉन्च हुआ ‘स्मार्ट राजस्थान ऐप’ सम्मेलन के पहले दिन राजस्थान सरकार ने नागरिक सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में कई नई पहल शुरू कीं. मुख्यमंत्री ने ‘स्मार्ट राजस्थान ऐप’ लॉन्च किया, जो आमजन को अलग-अलग सरकारी सेवाओं के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा. इसके अलावा लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर आधारित ‘ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा’ की शुरुआत की गई, जिससे लोगों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच और आसान होगी. सरकार ने नए आइडिया और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान इनोवेशन चैलेंज पोर्टल भी शुरू किया. साथ ही प्रदेश के डिजिटल सफर और भविष्य की योजनाओं को दर्शाने वाली ‘डिजिटल राजस्थान’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया.
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में आईटी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने डिजिटल गवर्नेंस की जरूरतों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पहले भी तकनीक मौजूद थी, लेकिन निर्णय प्रक्रिया अलग थी और कई बार वेबसाइट तक क्रैश हो जाती थीं. उन्होंने कहा कि आज तकनीक को केवल सुविधा नहीं बल्कि शासन के मूल ढांचे का हिस्सा मानना होगा. जिस तरह सड़क और पावर ग्रिड देश के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर हैं, उसी तरह डिजिटल सिस्टम भी अब जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बन चुका है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल पहल का परिणाम है कि जनधन, आधार और मोबाइल के जरिए सेवाएं सीधे लोगों तक पहुंच रही हैं. आज भारत का यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है.
AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और स्मार्ट पुलिसिंग पर मंथन:
सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिनिधियों के बीच छह प्लेनरी और छह ब्रेकआउट सेशन आयोजित किए जा रहे हैं. इनमें एआई आधारित गवर्नेंस, डिजिटल डिवाइड खत्म करने, डीप टेक, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्मार्ट पुलिसिंग, नागरिक केंद्रित सेवाएं और अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है. इस सम्मेलन का उद्देश्य सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाकर ऐसा डिजिटल सिस्टम तैयार करना है, जो पारदर्शी, सुरक्षित और आम नागरिकों के लिए आसान हो. जयपुर से देश के डिजिटल भविष्य पर मंथन शुरू हो गया है. अब नजर इस बात पर है कि AI और नई तकनीकें आने वाले समय में सरकारी सेवाओं और आम आदमी के अनुभव को कितना बदलती हैं.