जयपुरः झालाना लेपर्ड सफारी की लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. वर्ष 2025 में पर्यटकों की संख्या और राजस्व में देशभर में बाजी मारी है. झालाना लेपर्ड सफारी वर्ष 2025 में राजस्व के मामले में सबसे आगे रही है. यहां कुल 46 हजार 695 पर्यटकों ने लेपर्ड सफारी का रोमांच अनुभव किया. सीमित पर्यटक संख्या के बावजूद 4 करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक आय.
भारत की पहली सिटी लेपर्ड सफारी के रूप में झालाना की वैश्विक पहचान बनी है. संरक्षण और पर्यटन के संतुलन का मॉडल झालाना में प्रभावी रूप से लागू हुआ है. जयपुर को अंतरराष्ट्रीय वाइल्डलाइफ टूरिज्म मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया. CCF वाइल्डलाइफ मोनाली सेन व रेंज अधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत की मॉनिटरिंग में प्रभावी भूमिका रही.
आमागढ़ की अहम भूमिकाः
आमागढ़ लेपर्ड सफारी ने पर्यटन दबाव कम करने में निभाई भूमिका है. आमागढ़ लेपर्ड सफारी में वर्ष 2025 के दौरान 16 हजार 555 पर्यटक पहुंचे. पर्यटकों से वन विभाग को 1 करोड़ 44 लाख 21 हजार 993 रुपये राजस्व मिला. अरावली क्षेत्र में स्थित आमागढ़ नया उभरता वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन बना. झालाना पर बढ़ते दबाव को कम करने में आमागढ़ की अहम भूमिका रही. ग्रामीण युवाओं को गाइड,वाहन चालक और स्टाफ के रूप में रोजगार मिला. आमागढ़ क्षेत्र संरक्षण और स्थानीय विकास का संतुलित उदाहरण बनता जा रहा है. रेंज अधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत और वनपाल राजेश शर्मा की प्रभावी मॉनिटरिंग रही.