VIDEO: 85 लाख मतदाताओं के हाथ में गांव की सरकार की चाबी, 41 लाख महिला वोटर्स पर टिकी निगाहें, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में गांव की सरकार चुनने का सियासी महासंग्राम तेज हो गया है. पंचायती राज चुनाव के पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब प्रत्याशियों की नजरें चुनावी मैदान पर हैं, तो राजनीतिक दलों और नेताओं ने भी जीत का गणित बिठाना शुरू कर दिया है. पहले चरण में 16 जिलों के 85 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 41 लाख से अधिक महिला मतदाता हैं, जिनकी भागीदारी चुनावी नतीजों की दिशा तय करने में अहम हो सकती है. 22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान होगा, जबकि 24 अक्टूबर को पंच-सरपंच के चुनाव होंगे. 

पंचायती राज चुनाव का सियासी रण
-पहले चरण में चुनावी मुकाबला तेज
-16 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव
-85,07,306 मतदाता करेंगे प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला
-22 अक्टूबर को जिला परिषद-पंचायत समिति के लिए मतदान
-24 अक्टूबर को पंच-सरपंच के चुनाव
-41 लाख से ज्यादा महिला मतदाताओं पर खास नजर
-नाम वापसी के बाद साफ होगी प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर

नामांकन के बाद अब चुनावी समीकरणों की बारी
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ हो रही है. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 13 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए गए. अब 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का मौका है. इसके बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची और चुनाव चिह्न तय हो जाएंगे. इसके साथ ही गांव-गांव में चुनाव प्रचार जोर पकड़ेगा.

पहले चरण में 22 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा. वहीं, 24 अक्टूबर को सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव होंगे. इन चुनावों के लिए 23 अक्टूबर को नामांकन, संवीक्षा, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. यानी जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावी मुकाबले के बीच ही पंच-सरपंच के चुनाव की तैयारियां भी निर्णायक मोड़ पर पहुंचेंगी.

पहले चरण में चुनाव का बड़ा आंकड़ा
जिला परिषद सदस्य के 293 पद
209 पंचायत समितियां
पंचायत समिति सदस्य के 1,788 पद
सरपंच के 3,314 पद
वार्ड पंच के 28,682 पद
कुल 9,886 मतदान केंद्र

16 जिलों में चुनाव, गांव की सरकार पर नजर
पहले चरण में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर जिले शामिल हैं. इन जिलों में जिला परिषद सदस्य के 293 और पंचायत समिति सदस्य के 1,788 पदों के लिए मतदान होगा. इसके अलावा सरपंच के 3,314 और वार्ड पंच के 28,682 पदों पर भी चुनाव होना है.

पंचायत स्तर पर होने वाला यह मुकाबला ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक पकड़, स्थानीय जनाधार और मतदाताओं के भरोसे की परीक्षा बनेगा. चुनाव के लिए 9,886 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम, जबकि पंच-सरपंच के चुनाव में बैलेट पेपर का इस्तेमाल होगा.

पहले चरण में 85.07 लाख मतदाता
कुल मतदाता : 85,07,306
पुरुष मतदाता : 43,86,768
महिला मतदाता : 41,20,511
थर्ड जेंडर मतदाता : 27

भीलवाड़ा सबसे आगे, बीकानेर में सबसे कम मतदाता
पहले चरण में कुल 85 लाख 7 हजार 306 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इनमें 43 लाख 86 हजार 768 पुरुष, 41 लाख 20 हजार 511 महिला और 27 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. कुल मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 48.4 प्रतिशत है. यानी हर दो मतदाताओं में लगभग एक महिला मतदाता है. यही वजह है कि महिला मतदाताओं की भागीदारी इस चुनाव का अहम पहलू बन गई है.

जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो भीलवाड़ा 8 लाख 94 हजार 918 मतदाताओं के साथ पहले स्थान पर है. जयपुर में 7 लाख 43 हजार 640, उदयपुर में 7 लाख 33 हजार 784, बाड़मेर में 6 लाख 88 हजार 347 और नागौर में 6 लाख 53 हजार 641 मतदाता हैं. दूसरी ओर, बीकानेर में सबसे कम 2 लाख 67 हजार 602 और जोधपुर में 2 लाख 74 हजार 416 मतदाता हैं.

सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदाता वाले जिले
सबसे ज्यादा मतदाता:

भीलवाड़ा — 8,94,918
जयपुर — 7,43,640
उदयपुर — 7,33,784
बाड़मेर — 6,88,347
नागौर — 6,53,641

सबसे कम मतदाता:
बीकानेर — 2,67,602
जोधपुर — 2,74,416

महिला वोटर्स बन सकती हैं निर्णायक फैक्टर
इस चुनाव में महिला मतदाताओं की भूमिका खास तौर पर महत्वपूर्ण रहने वाली है. 
पहले चरण में 41 लाख 20 हजार से ज्यादा महिलाएं वोट डालने की पात्र हैं.
कुल मतदाताओं में उनकी हिस्सेदारी करीब 48.4 प्रतिशत है. 
ऐसे में महिला मतदाताओं की पसंद और मतदान में उनकी भागीदारी कई सीटों पर चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है.

हालांकि, महिला मतदाताओं की संख्या को सीधे किसी एक दल या प्रत्याशी के पक्ष में नहीं माना जा सकता. ग्रामीण विकास, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपलब्धता जैसे मुद्दे मतदाताओं के फैसले में अहम हो सकते हैं. 

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों के 85 लाख से ज्यादा मतदाता जिला परिषद, पंचायत समिति और आगे पंच-सरपंच के चुनाव में अपनी पसंद जाहिर करेंगे. 22 अक्टूबर को ईवीएम से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे, जबकि 24 अक्टूबर को सरपंच और पंच चुने जाएंगे. 41 लाख से अधिक महिला मतदाताओं की भागीदारी पर भी खास नजर रहेगी.