बड़े चिकित्सा संस्थानों को रैफरल मरीजों की मिलेगी ऑनलाइन सूचना, चिकित्सा विभाग की IHMS सॉफ्टवेयर में मौजूद सेतु एप को लेकर कवायद, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः प्रदेश में रेफरल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आईएचएमएस सॉफ्टवेयर में तैयार ऑनलाइन सेतु एप की सेवा को चिकित्सा विभाग सभी अस्पतालों में लागू करने की तैयारी में है. प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड ने जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं एम्बुलेंस में एप की सेवा को उपयोग में लेने के निर्देश दिए है. उन्होंने कहा कि इस सेतु एप के माध्यम से रेफरल होने के बाद उच्च चिकित्सा संस्थान में पूर्व में ही आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा सकेंगी. 

प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड ने स्वास्थ्य भवन से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सेतु एप की व्यवस्था को लागू करने के अलावा मातृ मृत्यु के मामलों की विस्तार से समीक्षा की. उन्होंने बीकानेर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, बूंदी, डूंगरपुर, अजमेर तथा श्रीगंगानगर में सामने आए एक-एक केस पर चर्चा की. उन्होंने संबंधित चिकित्सकों के साथ उपचार व्यवस्था एवं प्रोटोकॉल पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश देते हुए गैप कम करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थान स्तर पर संबंधित चिकित्सा प्रभारी एवं ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, हाइपर टेंशन, वजन एवं आवश्यकतानुसार सोनोग्राफी जांच सुनिश्चित की जाए. 

PHS गायत्री राठौड़ ने की मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा
स्वास्थ्य भवन से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ी खबर
राठौड ने प्रदेशभर में हो रही मातृ मृत्यु के प्रकरणों की केस टू केस की समीक्षा
उन्होंने संबंधित चिकित्सकों के साथ उपचार व्यवस्था एवं प्रोटोकॉल पर की चर्चा
साथ ही उन्हें इस प्रकरणों से सीख लेकर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए
उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थान स्तर पर संबंधित चिकित्सा प्रभारी एवं
ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के ब्लड प्रेशर,
हीमोग्लोबिन, हाइपर टेंशन, वजन एवं आवश्यकतानुसार सोनोग्राफी जांच सुनिश्चित की जाए

प्रमुख शासन सचिव ने प्रदेश में संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों में 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियां, बच्चों के विकास में बाधक बनने वाली बीमारियां आदि की स्क्रीनिंग कार्य में गति लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन आरबीएसके कार्यक्रम के तहत संचालित टीम स्कूलों में जाकर आवश्यक स्वास्थ्य जांच करेगी एवं आवश्यकता होने पर रेफरल कार्ड बनाने, फालोअप के साथ ही पीड़ित बच्चे का निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करेगी. इसके लिए उन्होंने दैनिक रूप से निदेशालय स्तर पर रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए. बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. नरोत्तम शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.     

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के प्रति गंभीर चिकित्सा विभाग
PHS गायत्री राठौड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लिया जिलेवार फीडबैक
राठौड़ ने बारिश के मौसम को देखते हुए मौसमी बीमारियां मलेरिया,
डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस आदि से बचाव एवं रोकथाम के लिए दिए निर्देश
अधिकारियों को सेम्पलिंग एवं सर्विलॉन्स गतिविधियां बढ़ाने के दिए निर्देश
साथ ही उन्होंने अस्पतालों में दवाई एवं उपकरणों के सुरक्षित रख-रखाव पर भी दिया विशेष बल
उन्होंने अस्पतालों में असुरक्षित या जर्जर कमरों को उपयोग में नहीं लेने के भी निर्देश दिए