जयपुर: राजधानी जयपुर में बढ़ती ईंधन कीमतों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा एवं परिवहन विभाग ने ई-वाहनों के किराए निर्धारित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, जयपुर प्रथम कार्यालय की ओर से परिवहन आयुक्त (नियम) को प्रस्ताव भेजकर ई-रिक्शा, ई-ऑटो और ई-टैक्सी/मैक्सी कैब के लिए किराया दरें तय करने की अनुशंसा की गई है.
प्रस्ताव में कहा गया है कि डीजल और पेट्रोल के लगातार बढ़ते दामों के बीच शहर में सुगम यातायात और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए ई-वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में इनके किराए का मानकीकरण आवश्यक हो गया है, ताकि यात्रियों को पारदर्शी दरों पर सुविधा मिल सके और वाहन चालकों को भी उचित आय प्राप्त हो सके.प्रस्तावित दरों के अनुसार ई-रिक्शा के लिए पहले एक किलोमीटर तक न्यूनतम किराया 10 रुपये रखा गया है, जबकि इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 6 रुपये देने होंगे.
वहीं ई-रिक्शा ऑटो के लिए पहले एक किलोमीटर तक 15 रुपये तथा उसके बाद प्रति किलोमीटर 6 रुपये किराया प्रस्तावित किया गया है.इसके अलावा यात्रियों को वाहन रुकवाने की स्थिति में प्रतीक्षा शुल्क भी देना होगा. प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि रोककर रखने की पूरी अवधि के लिए 1 रुपये प्रति मिनट की दर से शुल्क लिया जाएगा. सामान ढोने के मामले में 10 किलो तक के पैकेज पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि 10 किलो से अधिक वजन होने पर प्रति पैकेज 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे.
रात्रिकालीन सेवाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है. रात 10:30 बजे से सुबह 5 बजे तक ई-ऑटो और ऑटो टैंगो सेवाओं पर निर्धारित किराए के अतिरिक्त 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा.प्रस्ताव में ई-रिक्शा मोटर कैब के किराए भी दूरी के हिसाब से तय किए गए हैं. पांच सीट तक की मोटर कैब के लिए दो किलोमीटर तक 90 रुपये किराया प्रस्तावित है. इसके बाद दूरी बढ़ने के साथ किराया क्रमशः 120, 150, 180, 210, 240, 270, 300 और 360 रुपये तक निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है.
इसी प्रकार पांच सीट से अधिक क्षमता वाले ई-रिक्शा मोटर कैब के लिए दो किलोमीटर तक 140 रुपये किराया प्रस्तावित किया गया है, जो 20 किलोमीटर तक की दूरी के लिए बढ़कर 500 रुपये तक जाएगा.परिवहन विभाग का मानना है कि किराया दरें तय होने से ई-वाहनों के संचालन में पारदर्शिता आएगी और यात्रियों को मनमाने किराए से राहत मिलेगी. साथ ही सरकार की ई-वाहनों को बढ़ावा देने की नीति को भी मजबूती मिलेगी. अब परिवहन आयुक्त स्तर पर इस प्रस्ताव पर विचार कर अंतिम प्रक्रिया शुरू की जाएगी.