जयपुरः प्रदेश में पंचायती राज चुनावों की घोषणा हो गई है. राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश में आचार संहिता लागू. प्रदेश में 24.24% जिला परिषदों की वृद्धि. एक लाख 55 हजार जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे. मतदान के लिए 11 वैकल्पिक दस्तावेज मान्य. सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा. 3 लाख 17 हजार से ज्यादा कर्मी नियुक्त होंगे. 2 लाख 72 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात होंगे. हर जिले में 1 पर्यवेक्षक लगेगा. अधिकतम 5 लोग नामांकन के समय मौजूद रहेंगे. विजय जुलूस पर रोक रहेगी.
संतान, शिक्षा संबंधी प्रावधान हटे. जिला परिषद सदस्य चुनाव के लिए लोकसूचना जारी होगी. 8 अक्टूबर को लोकसूचना जारी होगी. 13 अक्टूबर तक नामांकन होंगे. पंचायत समिति के लिए 8,13,19,21 अक्टूबर को लोकसूचना जारी होगी. नाम वापसी 15,19,26 अक्टूबर. 6 नवंबर को चार चरणों में लोकसूचना. पंच-सरपंच चुनाव लोकसूचना 8,13,19,21 अक्टूबर. जिला परिषद पंचायत समिति मतदान होगा. 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर,14 नवंबर को होगा.
मतगणना 25, 31-10 को होगी. 20 नवंबर को जिला परिषद में मतदान. 28 नवंबर को सारी प्रक्रिया समाप्त होगी.
तीसरे चरण में नामांकन 19 अक्टूबरः
पंचायत समितियों और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव पहला चरण नामांकन 8 अक्टूबर, अंतिम तिथि 13 अक्टूबर, स्क्रूटनी 14 अक्टूबर, नाम वापसी 15 अक्टूबर तक, मतदान 23 अक्टूबर को. दूसरे चरण में नामांकन 13 अक्टूबर है. नाम वापसी 19 अक्टूबर, मतदान 29 अक्टूबर को आयेगा. तीसरे चरण में नामांकन 19 अक्टूबर, नाम वापसी 26 अक्टूबर, मतदान 4 नवंबर को होगा. चौथे चरण में नामांकन 21 अक्टूबर, नाम वापसी 6 नवंबर, मतदान 11 नवंबर को होगा.
हमारा इंट्रेस्ट समय पर चुनाव करनाः
राजस्थान हाईकोर्ट की समय सीमा और आदेश की आधी पालना हो चुकी है. प्रदेश में त्योहार काफी हो गए हैं. कर्मियों को भी आराम की जरूरत होती हैं, दीपावली के पहले पंचायती राज चुनाव के 3 चरण पूरे होंगे, असली चीज उद्देश्य देखा जाता है, हाईकोर्ट के आदेश की समय सीमा से चुनाव होने पर राजेश्वर सिंह ने कहा कि निकाय चुनाव समय पर हुए हैं. दीपावली और हाल ही में हुए चुनाव होने पर कर्मचारियों को राहत देना जरूरी. हमारा इंट्रेस्ट समय पर चुनाव करना है. हाईकोर्ट के निर्णय की अनुपालना में ही चुनाव करा रहे हैं. चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदान केन्द्र का होता है. और मतदाता को रोकने की कोशिश होती है.
निकाय के मतदाता पंचायत में नाम नहीं जुड़वा सकतेः
कोई जबरदस्ती ले जाने की बात कहे. और आयोग को लगता है तो हम वोटर के लिए समय बढ़ा देते हैं. निकाय चुनाव में भी यही हुआ है. आशा है कि बाड़ेबंदी की जरूरत न हो. जब तक कार्यकाल पूरा न हो तब तक हटा नहीं सकते है. संविधान अनुसार कार्यकाल समाप्ति के 6 माह पूर्व चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाती है. सदस्यों के तो एक साथ ही चुनाव हो रहे हैं. छोटी त्रुटियों में दिक्कत नहीं, निर्वाचन अधिकारी इसके लिए अधिकृत. निकाय के मतदाता पंचायत में नाम नहीं जुड़वा सकते है. कमेटी बना रखी है, वह जांच करेगी. नाम जोड़ने के लिए जो पात्र है वही जुड़ेगा. जो अपात्र होगा उसे हटाएंगे. फोटो खींचना मतदान, मतगणना में प्रतिबंधित है.
ईवीएम इतनी संख्या में उपलब्ध नहीं है. इसलिए पंच सरपंच चुनाव इससे संभव नहीं है.
जयपुर जिले के चुनाव 4 चरण में होंगेः
41 जिला परिषदों में 4 जिला परिषद के चुनाव 22 दिसंबर बाद. जयपुर जिले के चुनाव 4 चरण में होंगे. पहले चरण में जैसलमेर, फलौदी के चुनाव एक साथ होंगे. 2 करोड़ 8 लाख पुरुष मतदाता है. कुल 4 करोड़ से ज्यादा मतदाता है. वन स्टेट वन इलेक्शन के तहत चुनाव होंगे. पंचायत समितियों और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव होंगे. 41 जिला परिषदों, 1403 वार्ड. 457 पंचायत समिति इनमें 8245 वार्ड है. 14403 ग्राम पंचायत के आम चुनावों की घोषणा की गई है. चार जिलों के पंचायत समितियों और जिला परिषद के चुनाव दिसंबर में होंगे.