जयपुर: तबादलों का दौर शुरू हो गया है और एक बार फिर नीति बिना सिर्फ डिजायर के आधार पर तबादलों को लेकर चहल पहल शुरू हो गई है. इस सबके बीच बार बार तबादलों को लेकर बनी कई नीतियां दफ्तर दाखिल हो चुकी हैं और फिर नीति बिना तबादले होने की दुहाइयां दी जा रहीं हैं. पूर्व की भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री और मौजूदा राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने तमाम पहलुओं पर गंभीरता से विचार करके तबादला नीति का ड्राफ्ट बनाया था,लेकिन कभी भी यह नीति पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई और ज्यादातर हर बार राजनीतिक दबाव के चलते डिजायर के आधार पर ही तबादले होते आए.
इस सरकार में क्या हुआ ?:
इस बीच कई बार तबादलों पर लगा बैन में कई बार शिथिलता दी और कटारिया की तर्ज पर अलग अलग सरकारों ने अपनी अपनी कमेटी बनाकर नीति बनाई लेकिन हर नीतियों की पत्रावली धूल फांकती रही और तबादले बिना नीति के डिजायर के आधार पर होते रहे. पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत ने तबादले को लेकर नीति बनाने की कवायद की थी.
यह की गई कवायद:
आईटी स्तर पर कवायद करके पोर्टल बनाने,विभागों की दो श्रेणी करके उनकी जरूरत के आधार पर तबादले करने, कर्मी के 5 साल तक एक विभाग/ एक सेक्शन में न रखने, दो साल तक ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग और डार्क जोन में 3 साल सेवा बाद तबादले हो सकने के प्रावधान करने की इसमें बात कही गई थी.
ये प्रावधान किए गए थे प्रस्तावित:
-तबादले के लिए नीति समयबद्ध रूप से जल्द तैयार हो ताकि तबादले संबंधी प्रकरणों का जल्द हो सके निपटारा यह किया था प्रस्तावित.
- दो हजार से ज्यादा कर्मचारियों वाले ऑफिस ए श्रेणी और दो हजार से कम वाले कर्मचारियों वाले ऑफिस बी श्रेणी में होंगे. यह भी था प्रस्ताव.
-प्रशासनिक सुधार विभाग ने विभागों के सुझावों को शामिल करते हुए तबादले के लिए गाइडलाइन बनाई थी.
ए श्रेणी के विभाग इन गाइडलाइंस को शामिल करते हुए विभागों को अपनी विशिष्ट विभागीय जरूरतों के अनुरूप खुद के स्तर पर स्टेकहोल्डर्स / लाभार्थियों/कर्मियों के मुख्य प्रतिनिधियों से चर्चा करके एक माह में तबादला नीति बनाने के लिए कहा गया था.
साथ ही सक्षम स्तर से अनुमोदित करके प्रशासनिक सुधार विभाग को भिजवाने के लिए भी कहा गया था.
-सूचना प्रौद्योगिकी -DOIT विभाग को विभागीय जरूरतों के अनुरूप तकनीकी प्रावधान करते हुए एक वृहद पोर्टल बनाने के निर्देश दिए थे. विभागों को अपनी तकनीकी जरूरत आईटी विभाग को बताने को कहा था.
-नीति में कर्मचारी के एक ही विभाग /सेक्शन में पांच साल से ज्यादा नहीं रहने का प्रावधान होगा.
प्रस्तावित नीति या विभागों की नीति में जिन श्रेणियों के तबादले का विवरण शामिल है, उनसे अलग कोई प्रशासनिक रूप से या विशिष्ट प्रकृति का प्रकरण हो तो गुणावगुण पर सक्षम स्तर से अनुमोदन बाद गुणावगुण पर विचार करके वर्ष में कभी भी तबादला करने का प्रावधान करने की बात कही गई थी.
-जिन विभागों में ग्रामीण क्षेत्र में कार्यालय या पद नहीं है, उन विभागों को छोड़कर अन्य विभागों में कर्मचारी के पूरे सेवाकाल में दो साल ग्रामीण क्षेत्र में पोस्टिंग करने का प्रावधान रखा जाए यह कहा गया था.
-तबादला नीति में गजेटेड और नॉन गजेटेड अधिकारियों-कर्मचारियों की तबादले को लेकर पोर्टल में अलग-अलग प्रावधान हो यह कहा गया था.
-विभागों में अपेक्षाकृत अधिक रिक्त पदों,विषम परिस्थितियों और विभागों के अन्य मापदंड आधार पर जिलों को दूरस्थ जिले/ डार्क जोन / हार्ड एरिया के रूप में सक्षम स्तर पर अनुमोदन बाद चिन्हित किया जाए इसका प्रावधान रखने के लिए कहा था.
-ऐसे जिलों में कर्मियों के 3 साल तक सेवा देने पर इच्छित स्थान पर तबादले के लिए प्राथमिकता का प्रावधान रखा जाए यह सुझाव दिया गया था.
- रिक्त पदों/ तबादले के लिए संभावित रिक्त पदों की सूचना विभाग अपनी वेबसाइट /पोर्टल पर रिक्त स्थानों की अपडेट स्थिति के आधार पर आनुपातिक रूप से देंगे. जिससे अधिक रिक्तियों वाले स्थानों में तुलनात्मक रूप से ज्यादा पोस्टिंग हो सकेगी. यह दिया था सुझाव.
तब पूर्व प्रशासनिक सुधार सचिव के नेतृत्व में अधिकारियों का एक दल के उड़ीसा राज्य की तबादला नीति/पोर्टल का अध्ययन करने के लिए जाने का भी था प्रस्ताव.
-सक्षम अनुमोदन बाद विभागों से मिली तबादला नीति का अध्ययन करके अनुशंसा के लिए अनुभवी/सेवानिवृत्त अधिकारियों/व्यक्तियों की समिति गठित करने का रखा था प्रावधान जिसका प्रस्ताव सक्षम स्तर से अनुमोदित करने की बात हुई थी.
जिससे अलग-अलग पहलुओं का पूरा-पूरा अध्ययन करके तबादला नीति के लिए कमेटी के सुझावों/ अनुशंसा के आधार पर जरूरी और समुचित प्रावधानों को नीति में शामिल करने का भी प्रावधान था. वहीं हर बार तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले के शगूफे छेड़े जाते रहे,लेकिन हर बार इस वर्ग ने खुद को ठगा-सा महसूस किया. हाल ही में प्रशासनिक सुधार विभाग एसीएस ने भी महाराष्ट्र सरकार की नीति का अध्ययन करके ड्राफ्ट तैयार किया लेकिन यह कवायद भी सिरे नहीं चढ़ पाई.