VIDEO: पंचायत राज चुनाव सियासत, बीजेपी ने बनाया चुनावी हथियार, ERCP और यमुना जल समझौते को चुनावी हथियार, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में पंचायत राज चुनावों का ऐलान आज होगा.बीजेपी बड़े चुनावी हथियार के तौर पर ERCP और यमुना जल समझौते को प्रचारित कर रही.दोनों परियोजनाएं पंचायत चुनाव से जुड़े करीब 69 हजार पदों को प्रभावित कर रही.बीजेपी को लगता है कि इनसे चुनावी लाभ होगा. ERCP के अंतर्गत वर्तमान लगभग 17 जिले आते है और यमुना जल समझौते के अंतर्गत चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिले आते है कुल मिलाकर दोनों योजनाओं के तहत राज्य के 20 जिले प्रभावित होते है.

ERCP -यमुना जल समझौता प्रभावित करेंगे ये पंचायत क्षेत्र: 
-पंचायत समिति सदस्य-लगभग 3,717
-ग्राम पंचायत वार्ड पंच- लगभग 57,846
-जिला परिषद सदस्य-692
-पंचायत समिति प्रधान-206
-सरपंच-6,380
-लगभग 69,000 पंचायतों के पद प्रभावित होंगे
-राम जल सेतु या ERCP से 84 विधानसभा सीटों पर असर
-यमुना जल समझौते का असर 21विधानसभा सीटों पर

ERCP और यमुना जल समझौते को बीजेपी कई तरीके से चुनावी हथियार बना रही. सीएम भजन लाल शर्मा ने पंचायत राज से जुड़ी चुनावी कर्यक्रमों के जरिए इन योजनाओं के लाभ जनता को मंच से बताना शुरू कर दिया है.बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के चुनावी भाषणों के केंद्र में भी यही दो बड़े मुद्दे है.

पंचायत राज चुनाव ERCP - यमुना जल समझौता बना हथियार:
- बीजेपी के मंचो से ये कहा जा रहा
- भाजपा सरकार ने राजस्थान के पानी के पुराने विवाद सुलझाए
- जल इंफ्रास्ट्रक्चर को जमीन पर उतार रहे हैं
- पंचायत चुनाव में स्थानीय विकास के नैरेटिव में तब्दील करने की कोशिश
- पूर्वी राजस्थान के बड़े भू भाग को सिंचाई - पेयजल उपलब्ध कराना
- यमुना जल समझौते के जरिए शेखावाटी की सालों पुरानी मांग पूरी करना
- बीजेपी के नेता मंच से ये कह रहे 
- कांग्रेस ने केवल वादे किए
- बीजेपी ने पुराने मुद्दों को सुलझाया और घोषणाओं को पूरा किया

पंचायत चुनावों में बीजेपी ने दोनों योजनाओं के जरिए प्रचार को आक्रामक बना रही.प्रचार रथों के जरिए ERCP और यमुना जल समझौते की उपलब्धियों को प्रचारित किया जा रहा.भारतीय जनता पार्टी ने ERCP और यमुना जल समझौते के तहत आने वाले क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और लोकल नेताओं को साफ निर्देश दिया है कि उपलब्धियां को प्रचारित करें. ERCP और यमुना जल समझौते केो चुनावी हथियार बनाकर समर में जाए.विकास के दम पर पंचायत में वोट मांगे.