जयपुर: प्रदेश में पिछले 3 दिनों से जारी निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है. अधिकारियों और बस संचालकों के बीच लंबी वार्ता के बाद सहमति बनने से प्रदेशभर में निजी बसों का संचालन फिर से शुरू हो गया है.
सरकार के दख़ल के बाद प्रदेश में 3 दिन से जारी निजी बसों की हड़ताल कल देर रात ख़त्म हो गई, कल रात परिवहन मुख्यालय में जयपुर कलेक्टर, परिवहन आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त क़ानून व्यवस्था और डीसीपी ट्रेफिक के साथ हुई वार्ता के बाद निजी बस ऑपरेटरों ने हड़ताल ख़त्म करने का ऐलान किया , परिवहन विभाग की ओर से जयपुर RTO प्रथम राजेन्द्र सिंह शेखावत ने लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किए , प्रदेश में करीब 25 से 30 हजार निजी बसें संचालित होती हैं, जिनके ठप हो जाने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों से जिला मुख्यालय और बड़े शहरों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई. विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, मरीज और छोटे व्यापारी वैकल्पिक साधनों के सहारे महंगे किराए पर यात्रा करने को मजबूर थे. कई स्थानों पर रोडवेज बसों और निजी वाहनों पर दबाव बढ़ गया था.
हड़ताल का कारण जयपुर आरटीओ द्वितीय कार्यालय की ओर से निजी बसों पर आक्रामक कार्रवाई रहा,बस ऑपरेटरों का कहना था कि बढ़ते खर्च, टैक्स और नियमों के कारण संचालन कठिन होता जा रहा है. दोनों पक्षों के बीच चली कई दौर की वार्ता के बाद आखिरकार समाधान का रास्ता निकला. समझौते के तहत सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है. वहीं बस ऑपरेटरों ने भी जनहित को देखते हुए तत्काल प्रभाव से हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया. परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि है और भविष्य में संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा.
हड़ताल समाप्त होते ही जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर सहित प्रमुख शहरों के बस स्टैंडों पर निजी बसों की आवाजाही फिर शुरू हो गई. ग्रामीण रूटों पर भी बसों के पहिए घूमने लगे हैं. कई यात्रियों ने बताया कि पिछले दिनों उन्हें दोगुना किराया देकर सफर करना पड़ा या यात्रा स्थगित करनी पड़ी. अब बस सेवा बहाल होने से दैनिक जीवन पटरी पर लौटने लगा है.हड़ताल खत्म होने से आमजन को बड़ी राहत मिली है. बसों के फिर से संचालन में आने से यात्रियों को सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा मिल सकेगी और प्रदेश की जनजीवन व्यवस्था सामान्य होती नजर आ रही है.