जयपुर: राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन का मामला अब फाइनल स्टेज पर है. आज या कल कांग्रेस अब कभी भी अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर सकती है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कर्नाटक से रिपीट होना तय है. खड़गे कल बेंगलुरु में अपना नामांकन भी दाखिल करने जा रहे है. वहीं राजस्थान में भी नीरज डांगी को फिर से मौका मिलने की पूरी संभावना है.
10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के चुनाव के नामांकन की आखिरी तारीख 8 जून है. लिहाजा सियासी दलों ने प्रत्याशियों के चयन की कवायद अब तेज कर दी है. बात अगर कांग्रेस की करें तो पार्टी कर्नाटक, एमपी, राजस्थान, तमिलनाडु और झारखंड में टोटल 7 सीटों पर संख्या बल के आधार पर अपने प्रत्याशी खड़े करने जा रही है. सामने आ रहा है कि झारखंड औऱ कर्नाटक की एक सीट को छोड़कर शेष 5 सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी लगभग तय हो चुके है. आज या कल आधिकारिक रूप से कांग्रेस फिर सूची भी जारी कर सकती है.
राज्यसभा चुनाव का रण
-कांग्रेस 7 सीटों पर उतारेगी अपने प्रत्याशी
-कर्नाटक 3 और झारखंड,तमिलनाडु,एमपी औऱ राजस्थान में एक-एक सीट पर होंगे प्रत्याशी
-कर्नाटक में मल्लिकार्जुन खड़गे कल करेंगे अपना नामांकन दाखिल
-पवन खेड़ा का भी कर्नाटक से राज्यसभा से जाना तय
-वहीं तीसरी सीट के लिए मंसूर अली खान और वाईएस शर्मिला का नाम रेस में
-राजस्थान से नीरज डांगी के रिपीट होने के प्रबल आसार
-मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन औऱ कमलनाथ का नाम
-तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती को मिल सकता है चांस
-झारखंड से स्थानीय चेहरे को बनाया जा सकता है प्रत्याशी
कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर राज्यसभा चुनाव प्रत्याशियों के चयन को लेकर अब तक कईं बार बैठक हो चुकी है. लेकिन पवन खेड़ा,झारखंड की एक सीट औऱ सिद्धारमैया को राज्यसभा से भेजने वाले मामले के चलते इन दो सीटों और झारखंड का मामला अटका हुआ था. लेकिन अब जब सिद्धारमैया ने राज्यसभा में जाने से साफ मना कर दिया तो फिर पवन खेड़ा की तपस्या इस बार पूरी होती दिख रही है. हालांकि अभी कर्नाटक की एक सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है. वहीं झारखंड में स्थानीय किसी चेहरे को अब मौका मिल सकता है. लेकिन किसी निर्दलीय के मैदान में आने पर कांग्रेस के लिए फिर यह सीट निकालना मुश्किल हो सकता है.
नीरज डांगी को अगर राजस्थान से रिपीट किया जाता है तो यह सरप्राइज होगा. क्योंकि अध्यक्ष खड़गे के साथ फिर से फिर से डांगी को मौका मिलना उनके लिए बड़ी बात होगी. सामने आ रहा है कि खड़गे के साथ वेणुगोपाल ने भी डांगी को फिर से राज्यसभा प्रत्याशी बनाने की वकालत की है. अब सबकी नजर आधिकारिक घोषणा पर होगी यही प्रत्याशी मैदान में उतरते है या फिर लास्ट मूवमेंट में कोई बदलाव होता है.