सवा लाख से अधिक किसानों को दिन में बिजली की राहत, अब प्रदेश के 26 जिलों में दिन के दो ब्लॉक में बिजली, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः ऊर्जा विभाग ने सिस्टम इम्प्रूमेंट के बाद अब चित्तौड़गढ़ और टोंक जिले में भी कृषि उपभोक्ताओं को खेती के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली देना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही प्रदेश में अब 26 जिले ऐसे हो गए है, जहां किसानों को दिन में खेती के लिए बिजली मिल रही है. विभागीय अधिकारियों की माने तो 2027 के तय लक्ष्य से पहले सभी जिलों में ये सपना साकार होगा.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को खेती के लिए दिन में बिजली दी जाए. बाकायदा वर्ष 2024-25 के परिवर्तित बजट में यह कार्य चरणबद्ध रूप से वर्ष-2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया. सरकार की इच्छा शक्ति का ही परिणाम है कि फिलहाल प्रदेश के 24 जिलों में कृषि उपभोक्ताओं को दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिसके अब चित्तौड़गढ़ और टोंक जिले भी जुड गए है. डिस्कॉम के इस सफल प्रयास से अजमेर डिस्कॉम के चितौड़गढ़ सर्किल में 1.01 लाख कृषि उपभोक्ता और जयपुर डिस्कॉम के टोंक सर्किल में 34,748 कृषि उपभोक्ताओ को को सीधा फायदा होगा. उन्हें अब न तो कड़ाके की सर्दी एवं बारिश के बीच रात में खेतों में सिंचाई करने की मजबूरी से जुझना होगा और ना ही जंगली-जानवरों के खतरे से रूबरू होगा पड़ेगा.

2027 तक सभी किसानों को दिन में मिलने लगेगी बिजली !
अब प्रदेश के 26 जिलों में दिन के दो ब्लॉक में सप्लाई का आगाज 
ऊर्जा सचिव एवं डिस्कॉम्स चेयरमैन आरती डोगरा ने दी जानकारी
उन्होंने बताया कि तीनों डिस्कॉम तथा प्रसारण निगम की तकनीकी बाधाएं काफी चुनौतीपूर्ण 
लेकिन विभाग दो ब्लॉक सप्लाई की बाधाओं को लगातार कर रहा दूर
इसी कड़ी में टोंक एवं चित्तौड़गढ़ में भी विद्युत नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण पर दिया गया विशेष ध्यान विगत ढाई वर्ष में चित्तौडगढ़ जिले में 132 केवी के 2 तथा 
33 केवी के 4 नए जीएसएस बनाए गए हैं
यहां प्रसारण एवं वितरण क्षमता में 563 एमवीए की बढ़ोतरी की गई है
इसी प्रकार टोंक जिले में 33 केवी के 5 नए जीएसएस बनाए गए हैं
टोंक में प्रसारण तथा वितरण क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों की क्षमता में 142.40 एमवीए की वृद्धि की गई है
ऊर्जा सचिव ने कहा कि शेष रहे जिलों में भी विद्युत तंत्र तथा ग्रिड को मजबूत किया जा रहा है
ट्रांसमिशन क्षमता एवं लाइनों के विस्तार तथा नए सब स्टेशन की स्थापना के कार्य किए जा रहे हैं
दिन में ही बिजली की उपलब्धता होने से किसान सर्दी एवं 
वर्षा ऋतु की विषम परिस्थितियों में रात्रि के समय सिंचाई करने को मजबूर नहीं हैं 
रात्रि में अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर पा रहे हैं

विद्युत नेटवर्क मजबूती से दिन में बिजली की राह आसार
प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को मिलने लगी दिन के दो ब्लॉक में बिजली 
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने दी जानकारी
उन्होंने बताया कि दो ब्लॉक सप्लाई के लिए विद्युत तंत्र को लगातार किया जा रहा मजबूत 
इसके तहत विगत ढ़ाई वर्ष में 400 केवी, 220 केवी और 
132 केवी के 59 ग्रिड सब स्टेशन तथा 33 केवी के 444 सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं
डोगरा ने बताया कि अजमेर डिस्कॉम के 14 में से 13, 
जयपुर डिस्कॉम के 15 में से 10 तथा जोधपुर डिस्कॉम के 12 में से 3 जिलों में दी जा रही दिनों बिजली 
अजमेर डिस्कॉम के अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, 
सलूम्बर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झुन्झुनूं, सीकर एवं चित्तौड़गढ़, 
जयपुर डिस्कॉम के धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग, भरतपुर, दौसा, करौली एवं टोंक जोधपुर डिस्कॉम के जालौर, सिरोही एवं पाली जिलों में यह आपूर्ति मिल पा रही है  

दो ब्लॉक सप्लाई में केंद्र की कुसुम योजना
भी "मिल का पत्थर" साबित हुई है. राज्य सरकार इस योजना को तेजी से बढ़ावा दे रही है. जिसके चलते प्रदेश के गांव-ढ़ाणी में 4338 मेगावाट की 1967 लघु सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं. इस योजना में टोंक जिले में अब तक 34 मेगावाट तथा चित्तौड़गढ़ में 46 मेगावाट क्षमता के प्लांट लगाए जा चुके हैं. ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की माने तो स्थानीय स्तर पर पैदा हो रही इस बिजली से ही दिन में किसानों को बिजली देने के संकल्प को काफी हद तक पूरा किया जा पा रहा है !