जयपुर: राजस्थान में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में सूखा मिटा है. 2 स्थानों पर अति भारी और 8 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई. सीकर के धोद और सीकर ग्रामीण में अतिभारी बारिश दर्ज की गई. धौलपुर के बाड़ी, बसेड़ी, बारां के शाहबाद, जयपुर के जालसू, झुंझुनूं शहर और नवलगढ़ और सीकर शहर में भारी बारिश दर्ज की गई. राजस्थान में 67 स्थानों पर एक इंच से अधिक बारिश दर्ज हुई. जयपुर जिले में 14 स्थानों पर बारिश की उपस्थिति दर्ज हुई.
पिछले 24 घंटे की बारिश ने दी बड़ी राहत:
पिछले 24 घंटे की बारिश ने बड़ी राहत दी. मानसून की मेहर के बाद किसान फिर से खेत में लौटा. बारिश से खेतों में नमी के बाद किसानों ने खरीफ की बुवाई शुरू कर दी.
प्रदेश के 15 जिलों में किसान मानसून की झमाझम का इंतजार कर रहा था. अभी भी करीब 30 प्रतिशत एरिया में खरीफ की बुवाई बाकी है. बारिश का दौरा जारी रहा तो जुलाई में खरीफ का लक्ष्य पूरा हो सकेगा.
इंद्रदेव की मेहरबानी से किसानों के चेहरे खिले:
झालावाड़ के खानपुर में झमाझम मेघ से वसुंधरा तरबतर हुई. इंद्रदेव की मेहरबानी से किसानों के चेहरे खिले गए. अलसुबह से ही रुक-रुक कर तो कभी तेज बारिश मिजाज से खुशनुमा माहौल है. किसानों के चेहरे खिले, बारिश का इंतज़ार कर रहे किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट है. फसलों के लिए संजीवनी, बारिश को कृषि विशेषज्ञों ने फसलों में फायदेमंद बताया. सिंचाई पेयजल परियोजना वाले बांधों में बारिश से पानी आवक के आसार खुले. किसान खुश तो सब खुश,व्यापार भी तो किसान सरसब्ज होने से ही तो चलेगा. तो वहीं अब अगले कुछ घंटों रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है. मौसम सुहाना होते ही अब लोग चाय की चुस्कियों पकोड़ों से बारिश का लुत्फ ले रहे.
प्रतापगढ़ में 13 दिन बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून:
प्रतापगढ़ में 13 दिन बाद फिर मानसून सक्रिय हुआ. सुबह से रुक-रुककर राहत की रिमझिम बरसात हो रही है. रिमझिम बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है.
बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी. मुरझा रही फसलों को रिमझिम बरसात से जीवनदान मिला. जिले में अब तक औसत बारिश का मात्र 25 प्रतिशत ही रिकॉर्ड हुआ.
बारिश के लिए किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. इंद्र देवता को मनाने के लिए लोग तरह-तरह के जतन कर रहे है. मानसून की सक्रियता से किसानों को अच्छी बारिश की उम्मीद जगी.
सीकर जिले में सक्रिय हुआ मानसून:
सीकर जिले में देर रात बाद पूरी तरह से मानसून सक्रिय हुआ. देर रात 2:30 बजे बाद मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हुआ. करीब 2 घंटे से ज्यादा तक तेज हवाओं के साथ सीकर में जमकर मेघ बरसे. अलसुबह से लगातार अभी भी रुक-रुक कर हो रही बारिश का दौर रहा. सीकर शहर में जोरदार बारिश से सड़कें दरिया बनी. पानी निकासी की नालियों और नालों से निकलकर मुख्य मार्गों पर गंदा पानी आया. सीकर शहर के नवलगढ़ रोड, बजाज रोड, पुराना लोहारू बस स्टैंड, फतेहपुर रोड, राधाकिशनपुरा रेलवे अंडरपास, घंटाघर इलाका, दो नंबर डिस्पेंसरी सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ. स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की मानसून के समय बारिश पानी निकासी के दावों की पोल खुल गई.
बूंदी जिले में मेहरबान हुआ मानसून:
बूंदी जिले में मानसून मेहरबान हुआ. रिमझिम बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली. मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए बूंदी में येलो अलर्ट जारी किया. गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई. बूंदी में आने वाले दिनों में और तेज मानसूनी बारिश होगी. 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी. बारिश से बूंदी के अन्नदाताओं को संजीवनी मिलेगी. धान समेत खरीफ की फसलों को जबरदस्त फायदा होगा.