देश में बढ़ रहा आर्थिक बोझ..! लोग जरूरतों से ज्यादा दिखावे के लिए ले रहे कर्ज, महंगे मोबाइल, विदेश यात्रा,लग्जरी सामान के लिए पर्सनल लोन का बढ़ा चलन

देश में बढ़ रहा आर्थिक बोझ..! लोग जरूरतों से ज्यादा दिखावे के लिए ले रहे कर्ज, महंगे मोबाइल, विदेश यात्रा,लग्जरी सामान के लिए पर्सनल लोन का बढ़ा चलन

नई दिल्ली: देश में आर्थिक बोझ बढ़ रहा..! लोग जरूरतों से ज्यादा दिखावे के लिए कर्ज ले रहे है. महंगे मोबाइल, विदेश यात्रा,लग्जरी सामान के लिए पर्सनल लोन का चलन बढ़ा. RBI की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में घरेलू कर्ज बढ़कर देश की GDP का 45.5% हो चुका. जबकि कुल ऋण में पर्सनल लोन की हिस्सेदारी 58.4 फीसदी तक पहुंची. 

करीब 47 फीसदी कर्ज जीवनशैली से जुड़ी जरूरतों के लिए लिया जा रहा. महंगी शॉपिंग, सेल्फ-केयर, शादियों,गैजेट्स के लिए लोग कर्ज लेने में पीछे नहीं हट रहे. लोन लेने के लिए सोशल मीडिया का दबाव भी बड़ी वजह है. 

मोबाइल पर मिनटों में आसानी से मिलने वाला लोन लोगों को कर्ज के जाल में फंसा रहा है. वित्तीय सलाह के मुताबिक जरूरत के बजाय चाहतों के लिए पर्सनल लोन लेना भारी पड़ सकता है. विशेषज्ञों की सलाह-"आय का 50 फीसदी जरूरी खर्चों पर, 30 फीसदी चाहतों पर और 20 फीसदी बचत में रखें. कर्ज का बोझ कभी भी 30 फीसदी की सीमा से बाहर न जाने दें.

देश में बढ़ रहा आर्थिक बोझ..!: 
-लोग जरूरतों से ज्यादा दिखावे के लिए ले रहे कर्ज
-महंगे मोबाइल, विदेश यात्रा,लग्जरी सामान के लिए पर्सनल लोन का बढ़ा चलन
-RBI की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में घरेलू कर्ज बढ़कर देश की GDP का 45.5% हो चुका
-जबकि कुल ऋण में पर्सनल लोन की हिस्सेदारी 58.4 फीसदी तक पहुंची
-करीब 47 फीसदी कर्ज जीवनशैली से जुड़ी जरूरतों के लिए लिया जा रहा
-महंगी शॉपिंग, सेल्फ-केयर, शादियों,गैजेट्स के लिए लोग कर्ज लेने में पीछे नहीं हट रहे
-लोन लेने के लिए सोशल मीडिया का दबाव भी बड़ी वजह
-मोबाइल पर मिनटों में आसानी से मिलने वाला लोन लोगों को फंसा रहा कर्ज के जाल में
-वित्तीय सलाह के मुताबिक जरूरत के बजाय चाहतों के लिए पर्सनल लोन लेना पड़ सकता भारी
-विशेषज्ञों की सलाह-आय का 50 फीसदी जरूरी खर्चों पर,
-30 फीसदी चाहतों पर और 20 फीसदी बचत में रखें
-कर्ज का बोझ कभी भी 30 फीसदी की सीमा से बाहर न जाने दें