जयपुर: राजधानी जयपुर के नंदपुरी अंडरपास के नजदीक सड़क चौड़ी करने के लिए जेडीए ने भारी पुलिस जाब्ते के साथ कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान पांच धार्मिक स्थलों के सड़क सीमा में आ रहे निर्माणों को हटाया गया.
नंदपुरी अंडरपास के नजदीक स्थित यह सड़क मौके पर तीस से चालीस फीट है. जबकि मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 80 फीट है. छह कॉलोनियों से गुजरने वाली यह सड़क मालवीय नगर व आस-पास के क्षेत्र को सीधे जगतपुरा से जोड़ती है. यहा बढ़ते यातायात दबाव के चलते जेडीए ने सड़क चौड़ी करने की कवायद शुरू की थी. पहले चरण में गत 22 मई को पहले चरण में सड़क के दोनों तरफ आवासीय व गैर आवासीय करीब 134 निर्माणों को जमींदोज किया गया था. सड़क सीमा में शिव मंदिर,मस्जिद,मजार, चबूतरा और सत्संग भवन भी थे. इनमें से किसी धार्मिक स्थल का पूरा हिस्सा तो किसी धार्मिक स्थल एक भाग सड़क सीमा में था. कार्रवाई के पहले चरण में इन धार्मिक स्थलों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई. बाद में जेडीए और पुलिस अधिकारियों ने धार्मिक स्थलों को लेकर संबंधित लोगों से लगातार समझाइश की. समझाइश का नतीजा रहा कि कार्रवाई के दूसरे चरण की शुरूआत के एक दिन पहले 7 जून को ही संबंधित लोगों ने मंदिर खुद के स्तर पर हटाने,मस्जिद को खाली कराने और सत्संग भवन का सड़क सीमा में आ रहा हिस्सा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी थी. कार्रवाई के दूसरे चरण की शुरूआत आज सुबह करीब सवा छह बजे से की गई. धार्मिक स्थलों को लेकर कार्रवाई में किसी तरह का व्यवधान नहीं हुआ और जेडीए की कार्रवाई शांति पूर्ण तरीक से पूरी हो गई.आपको बताते हैं कि इसके लिए जेडीए व पुलिस अधिकारियों की ओर से किस तरह तैयारी की गई.
-कार्रवाई से पहले ही जेडीए और पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार सौहादपूर्ण तरीके से समझाइश की गई
-इसके चलते धार्मिक स्थल से संबंधित लोग कार्रवाई के लिए सहमत हुए
-मौके पर कार्रवाई व समझाइश के लिए जेडीए ने उपायुक्तों के नेतृत्व में अधिकारियों की चार टीमों का गठन किया
-कार्रवाई के इलाके और शहर के संवेदनशील इलाकों में नेटबंदी लागू की गई,ताकि किसी भी तरह की अफवाह व फेक विडियो आदि से बचा जा सके
-एक दिन पहले ही मौके पर तीन सौ पुलिसकर्मियों का जाप्ता तैनात किया गया
-इसके अलावा ढाई हजार पुलिसकर्मी संवदेनशील इलाको में लगाए गए
-कार्रवाई के एक दिन पहले पुलिस की ओर से मौके पर फ्लैग मार्च किया गया
-सड़क के दोनों तरफ बैरिकैडिंग कर आवागमन को रोक दिया गया
-सड़क के दोनों तरफ के मकानों की छतों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया
-मकान की छतों व बालकनी में खड़े होकर कार्रवाई का विडियो बनाने वाले लोगों को ऐसा नहीं करने की पुलिस ने लगातार अपील की
-कार्रवाई से प्रभावित क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति भी बंद रखी गई ताकि वाई-फाई के माध्यम से भी अनावश्यक व गलत सूचनाओं का प्रसार रोका जा सके
-जेडीए और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहे
जेडीए की ओर से सुबह करीब सवा छह बजे से कार्रवाई शुरू की गई. इस दौरान सड़क के दोनों तरफ रहने वाले लोगों को भी घर में रहने की सलाह दी गई. पूरी चाक चौबंद व्यवस्था के तहत पांच धार्मिक स्थलों को लेकर मौके पर कार्रवाई की गई. आपको बताते हैं किस तरह करीब छह घंटे में कार्रवाई पूरी की गई.
-कार्रवाई शुरू करने से पहले जेडीए और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर अल सुबह ही पहुंच गए थे
-पांचों धार्मिक स्थलों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की गई
-सुबह करीब पौने 11 बजे चार मंजिला धार्मिक स्थल को जमींदोज किया गया
-दोपहर करीब 12 बजे तक सड़क सीमा में आ रहे तीन धार्मिक स्थलों के निर्माणों को हटा दिया गया
-सत्संग भवन के सड़क सीमा में शामिल हिस्से को हटाने का काम देर शाम तक चलता रहा
-कार्रवाई के बाद जेडीए की ओर से मलबा हटाने का काम लगातार शुरू कर दिया गया
-मौके से मलबा हटाने का काम रातभर चलेगा और सुबह तक सारा मलबा हटाने का लक्ष्य रखा गया है
-किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरा मलबा हटाने तक मौके पर पुलिस की ओर से बैरिकैडिंग जारी रहेगी और जाप्ता भी मौजूद रहेगा
-कार्रवाई में तीन ट्रैक्टर लोकंडा मशीनें, एक पोकलेन लोकंडा मशीन,दो पोकलेन मशीन,दो जेसीबी मशीन,दो जेसीबी लोकंडा
-एक कटर मशीन और दस डम्परों का उपयोग किया गया
-पूरा मलबा हटने तक सड़क पर आवागमन को बंद रखा जाएगा
जेडीए और पुलिस की ओर से आज की गई ये कार्रवाई पूरे प्रदेश के लिए नजीर बनेगी. बिना किसी विरोध व कानून व्यवस्था के बिगड़े शांति पूर्ण तरीक से धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले को अंजाम तक पहुंचाया गया. कार्रवाई से पहले लंबी व लगातार समझाइश, फिर मौके पर चाक चौबंद व्यवस्था के तहत तोड़फोड़ की गई.