जयपुर : सचिवालय में बाहर से डेप्यूटेशन पर कार्य कर रहे या कार्यव्यवस्था में लगे करीब 654 अधिकारियों-कर्मियों को अपने मूल विभाग में भेजने को लेकर कर्मचारी संघ ने हालांकि बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है लेकिन इसके समुचित परिणाम आने बाकी हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि पास चेक करने से लेकर अन्य बड़े कदम फिर उठाकर इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है.
सचिवालय में बाहर से डेप्यूटेशन या कार्यव्यवस्था में लगे अधिकारियों-कर्मियों का मसला बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है. सचिवालय कर्मचारी संघ के पास चेक करने और सेक्शन वार जाकर समझाइश का भी समुचित असर नहीं हो पा रहा है.
फ्लैशबैक-क्या हुआ अब तक ?
सचिवालय में डेप्यूटेशन या कार्य व्यवस्था में लगे कर्मियों और अधिकारियों के आज से सचिवालय प्रवेश द्वार पर पास चेक करके उनके विभागों को नाम भेजकर उन्हें रिलीव करने का अनुरोध किया गया था.
इससे पूर्व कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने इस सप्ताह के पहले 3 दिन सेक्शन्स में जाकर एचओडी से ऐसे कर्मचारियों को कार्यमुक्त करके मूल विभाग में भेजने का अनुरोध किया था जिसके बाद 2 कर्मी रिलीव किए गए हैं.
पूर्व में 2 मई 2013, 19 मार्च 2020,4 मई 2020,28 दिसंबर 2020, 3 फरवरी 2011,4 अप्रैल 2022, 8 अगस्त 2022 को परिपत्र और आदेशों के जरिए विभागों को ऐसे कर्मियों/ अधिकारियों को हटाकर मूल विभाग में भेजना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए थे.
संघ अध्यक्ष कजोड़मल मीणा का कहना है कि जब तक सारे प्रतिनियुक्ति या कार्यव्यवस्था में लगे सारे कर्मी रिलीव नहीं हो जाते तब तक अभियान जारी रहेगा.