VIDEO: कड़े नियमों से चलेगा स्पा और वेलनेस सेंटर, महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का फोकस, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राज्य सरकार ने प्रदेशभर में संचालित स्पा, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों के लिए सख्त नियम लागू करने की तैयारी कर ली है. गृह विभाग ने इन संस्थानों के लिए “मॉडल गाइडलाइंस” का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, सभी स्टेक होल्डर्स से 15 दिन में आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं.

सरकार की मंशा है कि वेलनेस सेवाओं की आड़ में अवैध गतिविधियों, मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण जैसी शिकायतों को रोका जाए. इन सेंटरों में अक्सर अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें आती रहती हैं जिन पर अब लगाम लग सकेगी, गाइडलाइंसके अनुसार स्पा या मसाज सेंटर को आवासीय उपयोग से जोड़ा नहीं जा सकेगा. पुरुष और महिला ग्राहकों के लिए अलग शौचालय व चेंजिंग रूम भी अनिवार्य होंगे. इन नियमों से प्रदेश में स्पा और वेलनेस केंद्रों का संचालन पारदर्शी, सुरक्षित और कानूनसम्मत ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा. नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्यभर के हजारों प्रतिष्ठान इसके दायरे में आएंगे.ड्राफ्ट के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया, संचालकों और कर्मचारियों का सत्यापन, सीसीटीवी व्यवस्था, संचालन समय, स्वच्छता मानक और गतिविधियों की निगरानी जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है.

गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि मॉडल गाइडलाइंस को अंतिम रूप देने से पहले आमजन, संबंधित संगठनों और हितधारकों से 15 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं. तय समयावधि के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार कर अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी. इन गाइडलाइंस का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आमजन के हितों की रक्षा करना है. प्रस्तावित सख्ती से प्रदेशभर में संचालित ऐसे केंद्रों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

नई गाइडलाइंस के अनुसार लाइसेंस प्राप्त करने और नवीनीकरण के लिए कई शर्तें अनिवार्य होंगी
-परिसर में किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि पूर्णतः प्रतिबंधित.
-क्रॉस-जेंडर थेरेप्यूटिक सेवाएं नहीं दी जा सकेंगी. पुरुष थेरेपिस्ट पुरुषों को और महिला थेरेपिस्ट महिलाओं को ही सेवा देंगे.
-पुरुष और महिला सेक्शन अलग-अलग तथा अलग प्रवेश द्वार के साथ होंगे.
-सर्विस रूम में अंदर से कुंडी/लॉक नहीं होगा, सेल्फ-क्लोजिंग दरवाजे अनिवार्य.
-संचालन समय में बाहरी दरवाजे खुले/सुलभ रहेंगे.
-सभी कमरों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था जरूरी.
-स्टाफ की योग्यता और पुलिस सत्यापन
-प्रत्येक थेरेपिस्ट, ब्यूटीशियन या योग प्रशिक्षक के पास मान्यता प्राप्त डिग्री/डिप्लोमा अनिवार्य.
-सभी कर्मचारियों की आयु कम से कम 18 वर्ष.
-मालिक/प्रबंधक और स्टाफ का पुलिस सत्यापन जरूरी.
-किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध या संबंधित कानूनों के तहत लंबित मामला होने पर लाइसेंस नहीं.
-सीसीटीवी, रजिस्टर और सूचना बोर्ड अनिवार्य
-प्रवेश, निकास और कॉमन एरिया में सीसीटीवी निगरानी.
-विजिटर/गेस्ट रजिस्टर में ग्राहकों का रिकॉर्ड व पहचान विवरण.
-परिसर में लाइसेंस विवरण, सेवाओं व शुल्क की सूची प्रमुखता से प्रदर्शित.
-सूचना बोर्ड पर 112 व 181 हेल्पलाइन नंबर अंकित करना अनिवार्य.
-आवासीय उपयोग पर रोक.