पंचायतीराज चुनाव घोषणा के साथ ही लग जाएगी आदर्श आचार संहिता, फिर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के जिलों में नए उद्घाटन/शिलान्यास/लोकार्पण कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे

पंचायतीराज चुनाव घोषणा के साथ ही लग जाएगी आदर्श आचार संहिता, फिर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के जिलों में नए उद्घाटन/शिलान्यास/लोकार्पण कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे

जयपुर: पंचायतीराज चुनाव घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लग जाएगी. फिर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के जिलों में नए उद्घाटन/शिलान्यास/लोकार्पण कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे. संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में नया विकास कार्य नहीं हो सकेगा और न ही नए काम की स्वीकृति मिलेगी. जबकि पुराना जारी काम किया जा सकेगा. संबंधित संस्थाओं में विभागों के विकास कार्य जिसके कार्यादेश आचार संहिता के प्रभाव में आने से पूर्व ही जारी किए जा चुके. 

या जो विकास कार्य पूर्व से ही चल रहे, वे सभी आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे. नई स्कीम, नए विकास कार्य व नए कार्यादेश आचार संहिता के लागू होने के बाद पूर्णतया प्रतिबंधित रहेंगे. चुनाव के लिए बड़ी मात्रा में कार्मिकों/अधिकारियों की आवश्यकता होगी, ऐसे में चुनाव कार्यक्रम घोषणा होने पर पंचायतीराज संस्थाओं से जुड़े जिलों में सारे विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानान्तरण और पदस्थापन पर रोक लगेगी. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद इन जिलों से किसी कार्मिक को अपने पद से कार्यमुक्त होने की अनुमति नहीं होगी. भले ही उसका स्थानान्तरण चुनाव कार्यक्रम से पूर्व का ही क्यों न हो. 

चुनाव कार्यक्रम घोषणा होने पर मंत्री निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव समाप्ति तक राजकीय दौरे पर नहीं जाएंगे. कानून व्यवस्था बिगड़ने या आपात स्थिति में मंत्री की उपस्थिति जरूरी है तो यह रोक लागू नहीं रहेगी. लेकिन इसकी सूचना संबंधित विभाग के सचिव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेंगे. चुनाव कार्यक्रम घोषणा होने पर मंत्री संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर रहे तो सरकारी वाहन का उपयोग नहीं करेंगे. चुनाव कार्यक्रम घोषणा होने पर यदि निजी वाहन का वे उपयोग करते हैं तो सायरन आदि का उपयोग नहीं करेंगे. निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर रहने पर चुनाव से जुड़े अधिकारियों को  मंत्री नहीं बुलाएंगे. 

घोषणा होने पर मंत्री संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में रहे तो वहां स्थित विश्राम गृहों का उपयोग कार्यालय रूप में नहीं करेंगे. डाक बंगले या सरकारी आवास या उससे जुड़े परिसरों का उपयोग भी वे कार्यालय रूप में नहीं करेंगे. वे यहां चुनाव से जुड़ी कोई बैठक कर पाएंगे. सरकारी विश्राम गृहों, डाक बंगलों का निष्पक्ष उपयोग सुनिश्चित होगा.  घोषणा होने पर सरकारी आवास को भी निष्पक्ष तरीके से अन्य दलों के अभ्यर्थियों को उपयोग की अनुमति दी जाएगी.

लेकिन वे भी उनका उपयोग चुनाव से जुड़े कार्य में नहीं कर सकेंगे. घोषणा होने पर निर्वाचन से जुड़े सरकारी अधिकारी मंत्री के दौरे के समय उनके स्वागत में या प्रोटोकॉल में नहीं जाएंगे. आदर्श आचार संहिता लागू होने से सरकारी वेबसाइटों से जनप्रतिनिधियों के फोटो और संदेश हटेंगे. राजनेताओं और राजनीतिक दलों के फोटो/संदेश तत्काल हटाने के निर्देश दिए. सरकारी भवनों पर भी फोटो व संदेश प्रदर्शन नहीं करने के निर्देश दिए. राजकीय या लोक निधि से अखबारों और मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित करने पर भी रोक रहेगी.