जयपुर: भजनलाल कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई. बैठक में अहम एजेंडा पर मुहर लगी. निकाय पंचायत चुनावों में 2 संतानों से अधिक वाले भी चुनाव लड़ पाएंगे. कैबिनेट से हरी झंडी मिली. कैबिनेट बैठक के बाद डिप्टी सीएम डॉ.प्रेमचंद बैरवा, मंत्री जोगाराम पटेल और राज्यवर्धन राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. 2 नए विधेयकों को मंजूरी मिली.
राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 2026 राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 मिली. जनसंख्या के लिहाज से पहले प्रावधान था , तब जनसंख्या नियंत्रण करना जरूरी था. इसलिए सरकारी कार्मिकों के लिए 2 से ज्यादा संतान और नगर पालिका, नगर निकाय में चुनाव में भी 2 से अधिक वाले को अयोग्य का नियम आया. 15 से 20 सालों में जनसंख्या घनत्व घट गया. योग्य व्यक्ति और सक्षम है लेकिन 2 से अधिक संतान होने से अयोग्य माना जा रहा था. पंचायतीराज की धारा 19 में और नगर पालिका अधिनियम की धारा 26 में संशोधन किया. 2 या अधिक संतान होने पर जनप्रतिनिधि अन्य योग्यता रखता है तो चुनाव लड़ सकेगा.
डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राजस्व आसूचना और आर्थिक अपराध निदेशालय का गठन होगा. सरकार भूमि पर अवैध कब्जे और सहकारी समितियों के घोटालों पर लगाम लगेगी. उद्योग से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले होंगे. उदयपुर में आयरन माइनिंग को इस्तेमाल करने के लिए कंपनी आयी है. स्टील बनाने के लिए कंपनी 500 करोड़ का निवेश करेगी. 53 एकड़ जमीन का कंपनी को आवंटन हुआ.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी का आयुष और आयुर्वेद के प्रति लक्ष्य को देखते हुए बिल को मंजूरी मिली. आयुर्वेद विश्वविद्यालय पहले जोधपुर जिले में ही था, लेकिन अब अजमेर में भी आयुर्वेदिक योग चिकित्सा नेचुरोपैथी का विश्वविद्यालय'. PM मोदी के अजमेर आगमन से पहले अजमेर को सौगात मिली. राजस्व आसूचना और आर्थिक अपराध निदेशालय का गठन होगा.
डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि कई अहम फैसले लिए गए. प्रदेश और शहर को बड़ा लाभ मिलेगा. ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर में काम करने का अवसर मिलेगा. ज्यादातर उद्योग इंडस्ट्रीयल एरिया में सरकार लगवाती थी. प्राइवेट इंडस्ट्रीज पहले कोई लगाता था तो छोटी लगाता था. अब राजस्थान इंडस्ट्रीयल पार्क प्रमोशन पॉलिसी 2026 को हरी झंडी. इंडस्ट्रीयल पार्क बनाने के लिए कम से कम 50 एकड़ भूमि जरूरी है. सबसे पहले इंडस्ट्रीयल पार्क लाने वाले को 20% कैपिटल सब्सिडी मिलेगा. कोई 100 करोड़ खर्च करेगा तो हम 20 करोड़ वापस करेंगे. वरीयता उसे मिलेगी जो सबसे कम उद्योग लगने वाले स्थान पर इन्वेस्ट करेगा. राजनिवेश पोर्टल पर हम जमीनों की जानकारी डालेंगे. जिससे डवलपर्स आगे आएंगे, काम में गति बढ़ेगी.
डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. GST रेवेन्यू बढ़ेगा. आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा होगा. जयपुर मण्डपम बनने का निर्णय पहली कैबिनेट में हुआ था. टोटल प्रोजेक्ट लागत 3055 करोड़ थी. इस कीमत में राजस्व प्राप्ति का गेप था. राज्य सरकार पर भार था. अब 5800 करोड़ का बनेगा. अब राज्य सरकार को एक भी पैसा नहीं देना होगा. 10 करोड़ का फायदा होगा.