VIDEO: मृतक ठेकाकर्मी दीपक के परिवार पर फिर टूटा दुखों का पहाड़, आहत पत्नी ने किया सुसाइड का प्रयास, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : राजधानी जयपुर में संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल की मौत के 25 दिन बाद परिवार पर एक और बड़ा संकट आ गया. दीपक की पत्नी करिश्मा खारवाल ने दौसा स्थित आवास पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया. आनन-फानन में परिजन करिश्मा को लेकर एसएमएस अस्पताल पहुंचे, जहां गंभीर हालत में उसका इलाज शुरू किया गया है. उधर, सूचना मिलने ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई नेता अस्पताल पहुंचे और प्रशासन पर समझौते ही पालना नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए.

दरअसल, करिश्मा के पिता काम से खेत में गए थे और छोटी बहन छत पर गई हुई थी. तभी मौका पाकर करिश्मा ने करीब सुबह 111.30 बजे खेतों में डाले जाने वाले विशाक्त को पीकर आत्महत्या का प्रयास किया. करिश्मा करीब दो महीने की गर्भवती हैं. हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत दोपहर साढ़े 12 बजे SMS अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद आईसीयू में शिफ्ट किया गया. डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. एक ही परिवार में कुछ ही दिनों के भीतर हुए दो बड़े हादसों से परिजनों और परिचितों में गहरा सदमा है.

दीपक की मौत के बाद टूटा परिवार
-करिश्मा के सुसाइड के प्रयास पर बिलख पड़े पिता रामसिंह खारवाल
-उन्होंने बताया कि दीपक की मौत के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में था
-करिश्मा काफी डिपरेशन और मानसिक तनाव में थी
-वो बार-बार कहती थी कि मेरा क्या होगा, हमारा लालन-पोषण कौन करेगा
-ऐसे हालात में परिवार का कोई ना कोई सदस्य उसके पास मौजूद रहता था
-लेकिन आज जैसे ही परिवार के लोग खेत पर गए तो मौका पाकर उसने विषाख्त खा लिया
-उन्होंने आरोप लगाया कि दीपक की मौत के बाद भी मदद के लिए कोई नहीं आया
-ना ही करिश्मा की कोई सहायता की, जिससे परेशान होकर उसने सुसाइड का कदम उठाया

सूचना मिलने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, विधायक रफीक खान समेत कई कांग्रेस नेता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक ठेकाकर्मी दीपक की पत्नी करिश्मा से मिलकर हालचाल जाने. इस दौरान जूली ने कहा कि 'मुझे लगता है राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है या फिर सो रही है'. ये अकेले दीपक की पीड़ा नहीं, बल्कि नौकरी से हटाए गए सैकड़ों बेरोजगारों का दर्द है'. दीपक ने जब सुसाइड किया तब ये तय किया गया था कि सम्मानजनक मुआवजा परिवार को मिलेगा''साथ ही जो बच्चे नौकरी से निकाले गए है, उन्हें वापस लिया जाएगा'. लेकिन वार्ता में बनी सहमति पर कुछ नहीं हुआ'. 'जिससे आहत होकर दीपक की पत्नी ने भी सुसाइड का प्रयास किया.