जयपुरः राजधानी जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के बेड़े में केंद्र सरकार की पीएम ई-बस योजना के तहत आने वाली 150 नई इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल बुधवार से शुरू होगा. यह ट्रायल तीन दिन—26, 27 और 28 फरवरी—तक विभिन्न रूटों पर किया जाएगा.
ट्रायल की शुरुआत अग्रवाल फार्म, मानसरोवर से की जाएगी. इन तीन दिनों के दौरान बसों को अलग-अलग प्रमुख मार्गों पर चलाकर उनकी तकनीकी क्षमता, बैटरी बैकअप, चार्जिंग व्यवस्था, यात्रियों की सुविधा और ट्रैफिक परिस्थितियों में प्रदर्शन का परीक्षण किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार ट्रायल सफल रहने पर अप्रैल–मई तक इन बसों का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा.पहले चरण में 150 बसों का संचालन किया जाएगा, जिनमें से 75 बसें बगराना डिपो और 75 बसें टोडी डिपो से संचालित होंगी. इसके लिए दोनों डिपो पर चार्जिंग स्टेशन, मेंटेनेंस ब्लॉक और आवश्यक तकनीकी ढांचे को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चालकों और तकनीकी स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि संचालन के दौरान किसी प्रकार की समस्या न आए.दूसरे चरण में 168 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की जाएगी, जबकि तीसरे चरण में 132 और बसें जोड़ी जाएंगी. इस तरह वर्ष 2026 के अंत तक कुल 450 नई इलेक्ट्रिक बसें जेसीटीएसएल के बेड़े में शामिल हो जाएंगी. इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि ईंधन खर्च में भी भारी बचत होगी. ये बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी, जिनमें जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, स्वचालित दरवाजे और दिव्यांगजन के लिए विशेष रैंप जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं. यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है.विशेषज्ञो का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बड़े स्तर पर संचालन से शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी. साथ ही, शोर प्रदूषण भी घटेगा क्योंकि ये बसें पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में काफी कम आवाज करती हैं.शहरवासियों को उम्मीद है कि नई ई-बसों के आने से सार्वजनिक परिवहन अधिक सुगम, समयबद्ध और किफायती बनेगा. ट्रायल के बाद अंतिम तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर संचालन की तिथि तय की जाएगी. यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो जल्द ही गुलाबी नगरी की सड़कों पर आधुनिक, पर्यावरण मित्र और सुविधाजनक पीएम ई-बसें दौड़ती नजर आएंगी.