VIDEO: महिला आरक्षण को लेकर छिड़ी सियासी जंग, कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: एक औऱ जहां मोदी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल पास कराने की तैयारी में जुटी है. वहीं कांग्रेस ने बिल लाने की टाइमिंग और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. खुद सोनिया गांधी ने मामले में मोर्चा संभालते हुए कईं सवाल सरकार के सामने रखे हैं. सोनिया गांधी ने कहा कि दो राज्यों के चुनाव प्रचार के बीच इतनी जल्दबाजी में आखिर अब बिल को लाने की  क्या जरुरत है.

संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने को लेकर महिला आरक्षण का संशोधित बिल केन्द्र सरकार ला रही है. इसको लेकर 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष  सेशन बुलाया गया है. वहीं अब इस मसले पर सियासत औऱ आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी तेज हो गया है. कांग्रेस ने खुलकर केन्द्र सरकार पर बिल को लेकर कईं आरोप जड़े है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और सोनिया गांधी ने खुद ने विरोध का मोर्चा संभाल रखा है.

महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी जंग
कांग्रेस ने बिल की टाइमिंग और सरकार की मंशा पर किए सवाल खड़े
सोनिया गांधी ने लगाए सरकार पर कईं आरोप
दो राज्यों के चुनाव प्रचार के बीच बिल क्यों लाया जा रहा है
सरकार अभी जबरदस्ती बिल क्यों पारित कराना चाहती है
सरकार चुनावी राजनीतिक फायदे के लिए हड़बड़ी में बिल ला रही है
2023 में जब बिल पारित हुआ था, तब हमने 2024 के चुनाव में लागू करने का कहा था
पर तब हमारी इस मांग को ठुकरा दिया गया

वहीं कांग्रेस ने महिला आरक्षण से जुड़े परिसीमन और जनगणना को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. सोनिया गांधी ने कहा कि पहले सरकार ने ही आरक्षण मसले को अगली जनगणना से जोड़ा था. लेकिन हमने तब कहा था कि इसे 2024 के चुनाव में लागू किया जाए. लेकिन अब सरकार बिना परिसीमन और जनगणना के ही 2029 से इसे लागू करने की बात कह रही है. कांग्रेस का कहना है कि हम महिलाओं के सशक्तिकरण और आरक्षण देने के लिए समर्पित औऱ प्रतिबद्ध है. मनमोहन सिंह की सरकार के वक्त कांग्रेस ने ही 33 फीसदी आरक्षण को लेकर बिल तैयार किया था.

खैर, दोनों सियासी दल महिला आरक्षण बिल को लेकर फिलहाल क्रेडिट लेने औऱ एक दूसरे को घेरने में जुटे हुए हैं. केन्द्र सरकार बिल को पारित कराने से पहले जमकर इसका प्रचार करते हुए इसे सियासी रूप से भुनाने में जुटी हुई है. वहीं कांग्रेस अपने वक्त में इसकी परिकल्पना तैयार करने का दावा जता रहा है. लेकिन सियासत से दूर सुकून और अच्छी बात यह है कि महिला सशक्तिकरण का दावा अब जल्द साकार होने जा रहा है.