जयपुर : प्रधानमंत्री मोदी के विजन और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बड़ा ऐतिहासिक काम साकार हुआ है. यमुना जल समझौता राजस्थान की जल सुरक्षा का नया अध्याय लिखेगा. राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर हुए. 32 साल पुरानी बहुप्रतीक्षित परियोजना साकार होने की दिशा में बढ़ी.
34102 करोड़ रुपये की परियोजना से राजस्थान की जल सुरक्षा सुदृढ़ होगी. शेखावाटी सहित जल संकटग्रस्त क्षेत्रों को स्थायी पेयजल मिलेगा. राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर लगभग तीन दशक से लंबित यह परियोजना अब क्रियान्वयन के निर्णायक चरण में प्रवेश कर गई है. लगभग 34102 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना है.
यह परियोजना राजस्थान के जल इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगी:
परियोजना राजस्थान के जल इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगी. समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उपस्थित रहे. दोनों राज्यों एवं केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया.
PM मोदी के विकसित भारत के विजन में जल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल:
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन में जल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में जल संरक्षण, जल प्रबंधन और राज्यों के बीच सहयोग की नई कार्य संस्कृति विकसित हुई नर्मदा परियोजना, जल जीवन मिशन, केन-बेतवा लिंक परियोजना रामजल सेतु लिंक जैसी परियोजनाओं की तरह यमुना जल परियोजना भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है.
गृह मंत्री ने सेतु बनकर जटिल विषय का समाधान से संभव बनाया:
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया. कहा कि उन्होंने दोनों राज्यों के मध्य विश्वास, संवाद और समन्वय का सेतु बनकर जटिल विषय का समाधान संभव बनाया. सीआर पाटिल की तकनीकी व प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता की भी सराहना की. मंत्रालय के सक्रिय सहयोग से परियोजना की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध गति मिली.
डबल इंजन सरकार ने दशकों से लंबित परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, केंद्र-राज्य समन्वय और समयबद्ध निर्णयों से सफलता मिलती है. इसके माध्यम से दशकों से लंबित परियोजनाओं को भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है.
हथिनीकुंड बैराज से बिछेगी 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन:
उन्होंने आगे कहा कि 'पूर्वी राजस्थान के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, जल जीवन मिशन और अब यमुना जल परियोजना इसका उत्कृष्ट उदाहरण है. हथिनीकुंड बैराज से बिछेगी 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन, यमुना जल परियोजना के अंतर्गत राजस्थान के हिस्से का 577 एमसीएम जल, यमुना जल हरियाणा स्थित हथिनीकुंड बैराज से जाएगा.
परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये:
लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से जल परिवहन, चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक पहुंचाया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपये, परियोजना के अंतर्गत 3.6 मीटर व्यास की तीन भूमिगत पाइपलाइनें, निरीक्षण सड़क, कृत्रिम जलाशय व आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी.
राजस्थान हरियाणा यमुना वाटर परियोजना -SPV (RHYW-SPV) का गठन किया जाएगा:
हरियाणा में भी दस स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. जिससे यह परियोजना दोनों राज्यों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध होगी. राजस्थान सरकार द्वारा परियोजना की विस्तृत DPR तैयार है. केंद्रीय जल आयोग के e-PAMS पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है. हरियाणा द्वारा पाइपलाइन अलाइनमेंट को सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्रदान की जा चुकी हैं. राजस्थान हरियाणा यमुना वाटर परियोजना -SPV (RHYW-SPV) का गठन किया जाएगा.