जयपुर : दीपावली पर रोशनी के साथ पटाखा बाजार भी गरम है, करोड़ों के कारोबार पर नजर है. राजस्थान में पटाखा कारोबार का पिछले साल का अनुमान 1000-1200 करोड़ तक है. जयपुर में अकेले 300 करोड़ से ज्यादा के कारोबार का बाजार अनुमान सामने आया है.
कारोबार बढ़ने के साथ प्रदूषण, शोर और अग्निसुरक्षा की भी बड़ी चुनौती है. प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी निगरानी बढ़ा दी है. खोह-नागोरियान हादसे के बाद अवैध पटाखा निर्माण पर फिर सवाल उठे हैं. आठ मौतों वाले हादसे के बाद रिहायशी इलाके में चार अवैध फैक्ट्रियां सील की गई हैं. बारूद के अवैध भंडारण और निर्माण पर निगरानी प्रशासन की बड़ी परीक्षा है.
लाइसेंसी दुकानों में भी अग्निशमन इंतजाम और सुरक्षित दूरी की पालना जरूरी है. ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल से प्रदूषण और ठोस कचरा घटाने पर जोर है. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण प्रतिबंध नहीं, लेकिन अनियंत्रित आतिशबाजी पर रोक का संकेत दिया है. सवाल यही कि त्योहार की खुशी कितनी सुरक्षित, और प्रशासन की निगरानी कितनी सख्त?