खुले आसमान में परिंदों ने भरी 'उड़ान' , गोडावण संरक्षण की दिशा में आज बड़ी पहल हुई साकार, जैसलमेर में पहली बार दो गोडावण खुले जंगल में छोड़े गए

खुले आसमान में परिंदों ने भरी 'उड़ान' , गोडावण संरक्षण की दिशा में आज बड़ी पहल हुई साकार, जैसलमेर में पहली बार दो गोडावण खुले जंगल में छोड़े गए

जैसलमेर: खुले आसमान में परिंदों ने 'उड़ान' भरी. गोडावण संरक्षण की दिशा में आज बड़ी पहल साकार हुई. जैसलमेर में पहली बार दो गोडावण खुले जंगल में छोड़े गए. सुदासरी रेंज में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में री-वाइल्डिंग हुई. 

पहली बार कैप्टिव ब्रीडिंग से तैयार 2 गोडावणों को प्राकृतिक आवास मिला. GPS से हाईटेक निगरानी कर भोजन,विचरण व्यवहार की मॉनिटरिंग होगी. गोडावण राज्य पक्षी ही नहीं,बल्कि 'सोन चिड़िया' के नाम से भी विख्यात है. 2 से 3 माह तक री-वाइल्डिंग टनल में प्राकृतिक जीवन की ट्रेनिंग दी गई. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव,मंत्री संजय शर्मा भी ऐतिहासिक पल के साक्षी बने.

आपको बता दें कि जैसलमेर में गोडावण संरक्षण में ऐतिहासिक पल है. थार के रेगिस्तान में गोडावणों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया. सुदासरी गोडावण संरक्षण के इस ऐतिहासिक पल का गवाह जैसलमेर बना. DNP क्षेत्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. डेजर्ट नेशनल पार्क क्षेत्र में यह ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है. लंबे समय से गोडावणों को प्राकृतिक आवास में छोड़ने की तैयारी चल रही थी. आज आखिरकार संरक्षण अभियान का वह इंतजार खत्म हो गया.

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव सुदासरी पहुंचे. मंत्री संजय शर्मा भी ऐतिहासिक कार्यक्रम में मौजूद रहे. मंत्रियों की मौजूदगी में गोडावण संरक्षण की नई शुरुआत हुई. ब्रीडिंग सेंटर में तैयार किए गए गोडावण अब प्राकृतिक वातावरण में रहेंगे. खुले आसमान और थार के प्राकृतिक पर्यावास में गोडावणों की नई यात्रा शुरू हुई.

रिहाई के बाद विशेषज्ञ गोडावणों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे. प्राकृतिक परिस्थितियों में गोडावणों के अनुकूलन का वैज्ञानिक अध्ययन होगा. गोडावण संरक्षण अभियान के लिए आज का दिन जैसलमेर के इतिहास में दर्ज हो गया. सुदासरी से खुले आसमान में गोडावण लौटे. ऐतिहासिक पल का पूरा जैसलमेर गवाह बना.