जयपुर: मुख्य सचिव व इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (IIAS) के अध्यक्ष वी. श्रीनिवास ने ग्रीस दौरे के पहले दिन प्रदेश के राजस्थान संपर्क और राज उन्नति प्लेटफार्म के मॉडल के जरिये नये जमाने के डिजिटल गावरनेन्स को मजबूती से लागू करने की दिशा तय की गई. ग्रीस की राजधानी एथेंस में अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों के साथ मुलाक़ात और बैठक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश और देश के प्रशांसकीय नेतृत्व की गूंज रही.
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के ग्रीस दौरे के पहले दिन नेशनल सेंटर फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड लोकल गवर्नमेंट (EKDDA) के महानिदेशक डॉ. वासिलिस एक्सार्कोस के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई . ग्रीस की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा के पहले दिन आयोजित यह बैठक IASIA-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान हुई.
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में लोक प्रशासन से जुड़ी संस्थाओं के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचारों का आदान-प्रदान बेहद अहम है.
उन्होंने सम्मेलन की मेजबानी के लिए EKDDA को बधाई देते हुए IIAS और EKDDA के बीच दीर्घकालीन साझेदारी विकसित करने का प्रस्ताव रखा. इसका उद्देश्य यूरोपीय संस्थानों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय लोक प्रशासन समुदाय के बीच सहयोग को मजबूत करना है.
ह्यूमन-सेंटर्ड AI’ पर बनेगा संयुक्त कार्य समूह
वी. श्रीनिवास ने ‘ह्यूमन-सेंटर्ड AI फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन’ यानी लोक प्रशासन के लिए मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर संयुक्त कार्य समूह गठित करने का प्रस्ताव दिया.
उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन क्षमता, आपदा प्रबंधन और सिविल सेवकों के भविष्य के कौशल विकास के लिए संयुक्त शोध और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता बताई.
उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि इससे जनता का सरकार पर भरोसा भी मजबूत होना चाहिए.
सरकारी सेवाओं को आसान , सुलभ और आमजन के अनुकूल बनाने में आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है.
CPGRAMS और ई-ऑफिस पर भारत-ग्रीस सहयोग की संभावना
मुख्य सचिव ने भारत की डिजिटल गवर्नेंस संबंधी पहलों का उल्लेख करते हुए केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) और ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म को भारत तथा ग्रीस के बीच सहयोग के संभावित क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया.
उन्होंने नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) की अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण पहलों की जानकारी भी साझा की. NCGG प्रतिवर्ष 34 देशों के सिविल सेवकों के लिए 47 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है. संस्थान की अगले पांच वर्षों में 8,000 अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवकों को प्रशिक्षण देने की योजना है.
राजस्थान के प्रशासनिक नवाचारों की दी जानकारी
बैठक में वी. श्रीनिवास ने राजस्थान में प्रशासनिक सुधारों के तहत किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की. उन्होंने जन शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए नेक्स्ट जनरेशन राजस्थान संपर्क प्रणाली और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी के लिए राज उन्नति प्लेटफॉर्म का जिक्र किया.
उन्होंने मिशन कर्मयोगी के तहत राजस्थान सरकार के 70 शासन सचिवों के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित कार्य निष्पादन निगरानी को मजबूत करने के प्रयासों को भी बताया.
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के विजन के अनुरूप भारत डिजिटल तकनीक के माध्यम से नागरिकों और सरकार के बीच संवाद को सरल बनाने तथा जनसेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है.
आधुनिक तकनीक और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण का समन्वय भविष्य के सुशासन की आधारशिला बनेगा.
वी. श्रीनिवास 12 से 15 अक्टूबर तक एथेंस में आयोजित IASIA-2026 सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. ‘बदलती दुनिया के लिए शासन पर पुनर्विचार’ विषय पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के लगभग 600 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.
13 अक्टूबर को सीएस IIAS की काउंसिल ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. 14 अक्टूबर को सम्मेलन में उद्घाटन संबोधन देंगे, जबकि 15 अक्टूबर को समापन संबोधन करेंगे. सम्मेलन के दौरान IIAS गवर्नेंस इंडेक्स का पूर्वावलोकन भी प्रस्तुत किया जाएगा. अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न देशों के प्रशासनिक संस्थानों के बीच सहयोग, सुशासन, डिजिटल परिवर्तन और नागरिक-केंद्रित सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.