जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भ्रष्टाचारमुक्त और पारदर्शी सुशासन की दिशा में भ्रष्ट एवं अनुशासनहीन लोक सेवकों पर सख्त कार्रवाई की है. भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी के खिलाफ दंड की मात्रा बढ़ाने का अनुमोदन किया. अभियोजन स्वीकृति, 17-ए एवं विभागीय जांच के 50 से अधिक प्रकरण निस्तारित किए हैं.
जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता व भ्रष्टाचार के दोषी कार्मिकों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है. मुख्यमंत्री ने अभियोजन स्वीकृति, 17-ए एवं विभागीय जांच के 50 से अधिक प्रकरणों को निस्तारित किया है. निजी व्यक्तियों के पक्ष में गैर कानूनी तरीके से आदेश पारित कर अवैध लाभ पहुंचाने के आरोप में. तत्कालीन SDO सार्वजनिक निर्माण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के दो अधिकारियों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति.
कृषि उपज मण्डी समिति के तत्कालीन सचिव राज्य सेवा से बर्खास्त. निरंतर लंबी अनुपस्थिति के आधार पर एक अन्य अधिकारी को राजकीय सेवा से हटाया गया. पद के दुरुपयोग, अनियमित भुगतान एवं राजकोष को हानि पहुंचाए जाने के आरोप में तत्कालीन विकास अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच एवं अनुसंधान का भी अनुमोदन किया.
राज्य सेवा के 27 अधिकारी गंभीर आरोपों में दो से चार वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने की शास्ति से दण्डित किया. मुख्यमंत्री ने भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी के विरुद्ध दो प्रकरणों में एक्शन लिया. संघ लोक सेवा आयोग के परामर्श से दण्ड की मात्रा बढ़ाने का अनुमोदन किया. 23 प्रकरणों में 27 अधिकारियों के विरुद्ध दो से चार वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने की शास्ति से दण्डित किया.
पांच प्रकरणों में सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोकने का अनुमोदन किया. सीएम भजनलाल शर्मा ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के पांच प्रकरणों में पेंशन रोकने अन्य नौ प्रकरणों में प्रमाणित आरोपों के जांच निष्कर्ष का अनुमोदन किया. राज्य सेवा के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत अपील के पांच प्रकरणों में से चार को खारिज किया. एक में दण्ड की मात्रा कम की गई. अभियोजन स्वीकृति के एक प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश दिए. दो में अभियोजन की मनाही करते हुए विभागीय जांच के तीन प्रकरणों में दोषमुक्ति का अनुमोदन भी किया गया.