जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस नीति है. ढाई साल में युवाओं का भरोसा लौटा है. ढाई साल में 383 भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता से सम्पन्न हुई हैं. भर्ती प्रक्रिया में सख्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे.
पेपर लीक से लाखों युवाओं के सपने टूटे थे. पेपर लीक मामलों में अब तक 163 FIR दर्ज है. पेपर लीक नेटवर्क पर कार्रवाई की गई है, 569 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. SI भर्ती अनियमितता मामले में 150 गिरफ्तारियां की गई हैं. अब तक 71 सब इंस्पेक्टर सहित अन्य आरोपी गिरफ्त में हैं.
RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और रामूराम राईका गिरफ्तार किया गया है. फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले 188 लोक सेवकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं. 135 शारीरिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश निरस्त किए गए हैं. 454 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जांच जारी है. OMR फर्जीवाड़े में भी आरोपियों को जेल भेजा गया है.
डमी अभ्यर्थियों और फर्जी दस्तावेजों पर कड़ा शिकंजा कसा गया है. ढाई साल में 1.78 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां की गई हैं. करीब 1 लाख भर्तियां वर्तमान में प्रक्रियाधीन है. 1.25 लाख नई भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया है. भर्ती प्रक्रिया में अब पारदर्शिता और युवाओं का भरोसा बढ़ा है. पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है.