पुष्कर में कांग्रेस का मंथन समाप्त, 10 दिन के ट्रेनिंग कैंप से आखिर क्या निकला निचोड़ ? देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः पुष्कर में कांग्रेस के चल रहे 10 दिन के ट्रेनिंग कैंप का समापन हो गया है. कैंप में आखिरी दिन राहुल गांधी ने संदेश दिया कि अब चापलूसी और परिक्रमा करने वाले नेताओं को मौके नहीं मिलेंगे. मेहनती और अनुशासन में रहने वाले नेताओं को आगे बढ़ाएंगे. वहीं राहुल गांधी ने गुटबाजी से दूर रहते हुए एकजुटता का मैसेज भी इस कैंप में दिया.

पिछले दस दिन से पुष्कर के एक रिसोर्ट में जारी कांग्रेस के जिला कप्तानों की ट्रेनिंग कईं संदेशों के साथ खत्म हो गई. ऐसे में अब बड़ा सवाल है कि इस दस दिन के मंथन से पार्टी नेताओं को क्या हासिल हुआ. राहुल गांधी के संदेश औऱ ट्रेनिंग कैंप के अब क्या मायने निकाले जाए. इसको लेकर पार्टी गलियारों और एक्सपर्ट में तरह तरह की चर्चाएं और अकटलों का दौर जारी है. ट्रेनिंग कैंप में आखिरी दिन राहुल गांधी ने साफ-साफ शब्दों में पार्टी और अपने नेताओं की खामियां स्वीकार की. राहुल गांधी ने सख्त और क्लीयर संदेश दिया कि अब परिक्रमा और चापलूसी करने वाले लोग पार्टी में बिल्कुल नहीं चलेंगे.

आखिर 10 दिन के ट्रेनिंग कैंप से क्या मंथन निकला?
राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को दिया साफ और सख्त संदेश
चापलूसी औऱ परिक्रमा वाले लोग अब पार्टी में बिल्कुल नहीं चलेंगे
केवल जमीनी स्तर पर काम करने वाले मेहनती नेताओं को मिलेंगे पद औऱ टिकट
लोगों के बीच में रहने और सादगी वाले नेताओं को आएंगे अच्छे दिन
गुटबाजी से दूर एकजुट होकर पार्टी में काम करने का दिया मैसेज
अब पदाधिकारी और टिकट बड़े नेताओं की सिफारिश से नहीं मिलेंगे
जिला अध्यक्षों को जिम्मेदारी के साथ जवाबदेही का भी पढाया पाठ

राहुल गांधी ने गुटबाजी पर अपना स्टैंड क्लियर करते हुए कहा कि इसको बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राहुल गांधी ने यह भी स्वीकार किया कि पार्टी में मेरे खिलाफ भी कई दुश्मन और विरोधी है. मैं चाहूं तो उनको खत्म कर सकता हूं. इसलिए मेरा गुटबाजी को बढावा देने वालों को साफ संदेश है कि यह कांग्रेस का कल्चर नहीं है इसे अब बदलना ही होगा. राहुल गांधी ने नेताओं को कहा कि अगर आप तपस्या करेंगे तो पार्टी आपका हर वक्त साथ देगी. इस दौरान राहुल गांधी ने एक दूसरे की कुर्सी खींचने जैसे प्रैक्टिल उदाहरण दिए.

नो डाउट राहुल गांधी ने कैंप में नसीहत औऱ सलाह तो बड़ी बड़ी नेताओं को अच्छी दी. लेकिन अब देखने वाली बात होगी कि राजस्थान कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की सीख को कितना अमल करते है. क्योंकि राजस्थान कांग्रेस के नेता भी कईं खेमों में बंटे हुए हैं. ऐसे में गौर करने वाली बात होगी राहुल गांधी के एकजुटता के संदेश को नेता अब आगे कितना फोलो करते है.    

10 दिन के ट्रेनिंग कैंप से आखिर क्या निकला निचोड़
राहुल गांधी ने नेताओं को दिए कईं संदेश
चापलूस औऱ परिक्रमा वाले नेताओं को नहीं मिलेंगे अब पद और टिकट
जमीन पर काम करने वाले मेहनती नेताओं के आएंगे अच्छे दिन
गुटबाजी से दूर रहते हुए एकजुटता भी दिया राहुल गांधी ने संदेश
राहुल गांधी की सीख पर क्या राजस्थान कांग्रेस के नेता होंगे खरे साबित