जयपुर: सचिवालय में सुरक्षा के सुराख की अगली कड़ी में हम बात करते हैं यहां की पार्किंग की. जिसकी दुर्दशा को लेकर तो सरकारी कर्मचारी जूझ ही रहे थे. लेकिन अब इसमें सुरक्षा को लेकर ' वेकिंग अलार्म ' बज चुकी है. इसके चलते कर्मचारियों के कीमती चौपहिया वाहनों के टक्कर लगने से लेकर असुरक्षा के तमाम खतरे सामने आ रहे हैं.
सचिवालय में बापू की प्रतिमा के पास भूमिगत पार्किंग में यहां काम करने वाले सरकारी कर्मियों के लिए चौपहिया वाहनों की पार्किंग दुश्वार साबित हो रही है. रेक्स्को कंपनी के गार्ड होते हुए भी तकरीबन कर्मचारी खुद की जोखिम पर ही कार पार्किंग के लिए मजबूर हैं.
क्या है दुश्वारी ?
सचिवालय की यह पार्किंग सचिवालय के कर्मचारियों के लिए है.
लेकिन यहां पर प्रतिनियुक्ति या कार्यव्यवस्था में कार्य कर रहे अधिकारी या कर्मचारी भी गाड़ी पार्क कर देते हैं.
यही नहीं, इसमें भारत सरकार या राजस्थान सरकार लिखी गाड़ियां भी धड़ल्ले से पार्क होती हैं जबकि उनकी पार्किंग के लिए दूसरी जगह हैं.
इन कारणों से सचिवालय मूल के कर्मचारियों और अधिकारियों की गाड़ी पार्किंग के लिए जगह ही नहीं मिलती.
यही कारण है कि सचिवालय में प्रवेश करने के साथ कई जगहों पर एक के बाद एक गाड़ी पार्क की हुई मिलती रहीं हैं.
वहीं इस पार्किंग में असली समस्या यह भी है कि इसके ' ड्राइव वे ' में प्रतिबंधित होने के बावजूद गाड़ियां पार्क करके वाहन चालक बेपरवाही से छोड़कर चले जाते हैं.
इस कारण अक्सर तेजी से आती गाड़ियों से अन्य गाड़ियों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं.
--- हाल ही में हुआ वाकया ---
-29 मई को हुई ऐसी ही घटना में गृह ग्रुप 10 में कार्यरत एस ओ उपेंद्र की गाड़ी के RJ 29 CC 3077 की कार से टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त करने का प्रकरण सामने आया.
-पार्किंग में लगे सीसीटीवी फुटेज में यह वाकया कैद हुआ और यह पता चला कि टक्कर मारने वाली कार पटवारी नमोनारायण मीणा की है जो कि राजस्व ग्रुप 5 में कार्यव्यवस्था में कार्यरत हैं.
-दिलचस्प यह है कि यह घटना सामने आने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने फुटेज तो उपलब्ध करा दिए लेकिन थाने में प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार करते हुए क्षतिग्रस्त कार के मालिक उपेंद्र से अपने स्तर पर कानूनी कार्यवाही करने का अनुरोध किया.
-यही नहीं, टक्कर मारने वाली गाड़ी के चालक कर्मी को न तो नोटिस दिया गया और न ही दोनों पक्षों को आमने सामने बैठकर मसला सुलझाने की कोशिश की गई.
पूर्व में इसी पार्किंग में पानी टपकने और मलबा गिरने की घटनाएं आने के बाद यहां व्यापक स्तर पर काम जारी रहने से जगह - जगह रखा सामान, मलबा भी रास्ते में रुकावट की वजह बन रहा है और अक्सर टक्कर और कार के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं.