पचपदरा: राजस्थान के विकास का आज 'सुपर शनिवार' है. देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया. समारोह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि राजस्थान के कोने-कोने से जुड़े सभी भाई-बहनों को मैरा प्रणाम. यह धरती अनगिनत वीरों के शौर्य की धरती है. यहां की रिफायनरी यहां हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बनेगी. मैं राजस्थान के युवाओं को इस रिफाइनरी की बधाई देता हूं. साथियों आज का दिन साक्षी है कि भाजपा सरकार परियोजनाओं के सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती. बल्कि उनको पूरा करने में दिन रात एक कर देते हैं.पीएम मोदी ने दो महीने पहले आग हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि दो महीने पहले जो आग हादसा हुआ. उसके बाद इतनी तेजी के साथ काम पूरा कर लेना, अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी हो..अब नया भारत अपने संकल्पों से न पीछे हटता है. न ही अपनी रफ्तार कम करता है. हादसा होने के बाद इतनी जल्दी कार्य पूर्ण होना श्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण है.
क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी करेगा मजबूती प्रदान:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जोधपुर को नए एयरपोर्ट टर्मिनल की सौगात मिली है. सोशल मीडिया पर नए टर्मिनल के आर्किटेक्चर और इंटीरियर की खूब चर्चा हो रही है.
जिसमें राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और मारवाड़ की विरासत की स्पष्ट झलक दिखाई देती है. यह नया टर्मिनल मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को नई गति देगा. तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करेगा. पीएम मोदी ने कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े जोधपुर और आसपास के लोगों का विशेष रूप से अभिवादन भी किया.
जयपुर में भी होने जा रहा है मेट्रो का विस्तार:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छोटे और दूर दराज के क्षेत्र को हर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा. जयपुर में मेट्रो का विस्तार भी होने जा रहा है. भाई बहनों शेखावाटी क्षेत्र के जल संकट को दूर करने का इंतजार भी समाप्त होने जा रहा है. इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया. बड़े-बड़े देश आज ईंधन की कीमत से जूझ रहे हैं.
लेकिन साथियों 21वीं सदी के नए भारत की इच्छा शक्ति और भारत के प्रयास इन सब पर भारी पड़े. भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए, संकट के समय रहते सटीक आकलन किया. प्रभावी रणनीति बनाई, भारत के संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया. भारत की डिप्लोमेटिक पावर का सकारात्मक इस्तेमाल किया और तब जाकर भारत संकट से उबर पाया है.
नए टर्मिनल के आर्किटेक्चर और इंटीरियर की खूब चर्चा:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जोधपुर को नए एयरपोर्ट टर्मिनल की सौगात मिली है. सोशल मीडिया पर नए टर्मिनल के आर्किटेक्चर और इंटीरियर की खूब चर्चा हो रही है.
जिसमें राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और मारवाड़ की विरासत की स्पष्ट झलक दिखाई देती है. यह नया टर्मिनल मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को नई गति देगा. तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करेगा. पीएम मोदी ने कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े जोधपुर और आसपास के लोगों का विशेष रूप से अभिवादन भी किया.
100 हवाई अड्डों के विकास पर जोर दिया:
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया. 100 हवाई अड्डों के विकास पर जोर दिया. संशोधित उड़ान योजना के तहत देश भर में विमानन विस्तार किया गया. विस्तार के लिए मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों के विकास पर विशेष बल दिया. दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए योजना है. योजना में 200 आधुनिक हेलीपैड का विकास भी प्रस्तावित है. एयरलाइन कंपनियों को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की वायबिलिटी गैप फंडिंग सहायता जारी रखी जाएगी.
जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया. ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के विजन को मजबूती मिल रही है. प्रधानमंत्री द्वारा ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के विजन को बढ़ावा दिया. इसी उद्देश्य से संशोधित उड़ान योजना प्रारंभ की गई. रीजनल एयर कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इस योजना के तहत 28 हजार 840 करोड़ रुपए के आवंटन हुए. आवंटन अगले 10 वर्षों में विमानन आधारित विकास को गति दी जाएगी. देश भर में व्यापक और स्थायी कनेक्टिविटी होगी. भारतीय विमानन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा.
राजस्थान की समृद्ध विरासत के साथ विकास की झलक:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया. राजस्थान की समृद्ध विरासत के साथ विकास की झलक है. 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल मिला. 23 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में टर्मिनल फैला है. इसकी प्रतिवर्ष यात्री क्षमता 20 लाख है. राजस्थान की समृद्ध विरासत से प्रेरित वास्तुकला से निर्मित यह टर्मिनल भवन है. अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित है. ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और हरित भवन निर्माण पद्धतियों जैसी विशेषता है. सतत विकास टर्मिनल के डिजाइन के अभिन्न अंग है. नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन से बेहतर एयर कनेक्टिविटी के साथ पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी.