प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेगा सौगात, राजस्थान को मिली रिफाइनरी, बोले-भारत ने दुनिया को संदेश दिया कि राष्ट्र और यहां के नागरिक ही सर्वोपरि है

पचपदरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मेगा सौगात दी. पीएम मोदी ने पचपदरा से प्रदेश को बड़ी सौगातें दी. लगभग 1.06 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित किया. राजस्थान को रिफाइनरी की सौगात मिली है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण हाहाकार मचा, लेकिन 21वीं सदी के ऊर्जा संकट पर भारत के प्रयास भारी पड़े हैं. कुछ ताकतें शंका फैलाने में व्यस्त थी. नीतिगत कदम हमेशा इतिहास लिखते हैं जो अभूतपूर्व है. LPG की सप्लाई बंद होने से हाहाकार मचने जा रहा था. लेकिन राजस्थान ने इस संकट को टालने में मदद की.  युद्ध की वजह से डीजल पेट्रोल का संकट बढ़ा तो दुनिया के कई देशों यह 50 प्रतिशत महंगा हो गया. लेकिन भारत में एक दिन भी ऐसे हालात नजर नहीं आए. कई प्रकार के भ्रम फैलाए, लेकिन जिनके इरादे गलत थे वो सफल नहीं हो सके. संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिखा. भारत ने दुनिया को संदेश दिया कि राष्ट्र और यहां के नागरिक ही सर्वोपरि है. PM ने यमुना जल परियोजना के MOA के लिए शेखावाटी के लोगों को बधाई दी. जयपुर में मेट्रो आने से सभी दिशाएं मिल सकेंगी. हम साथ मिलकर राजस्थान का विकास करेंगे.

रिफाइनरी हजारों लोगों को रोजगार देगी: 
पीएम मोदी ने कहा कि 'मुझे बताया गया कि लाखों की तादात में लोग जुटे हैं उन्हें प्रणाम'. गर्मी के मौसम में यहां तक आना और आशीर्वाद देने के लिए मैं ऋणी हूं. राजस्थान की धरती से भारत ने विकसित होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. रिफाइनरी हजारों लोगों को रोजगार देगी. बीजेपी सरकार केवल शिलान्यास ही नहीं करती पूरा भी करती है. दुर्घटना के दो माह में ही रिफाइनरी का काम पूरा कर लें परिश्रम की पराकाष्ठा है. यह मारवाड़ में पर्यटन व्यापार और रोजगार के अवसर देगा. अब जयपुर में मेट्रो का विकास होने जा रहा है. शेखावाटी का जल संकट भी दूर होने जा रहा है.

जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्ती की:
पीएम मोदी ने कहा कि हमने 2017 में रिफाइनरी MoU साइन किया, लेकिन 2018 से 2023 तक कांग्रेस ने काम नहीं किया. राजस्थान में बीजेपी के आते ही रिफाइनरी का काम शुरू किया. आज शुरुआत भी कर दिया, हम शिलान्यास करते हैं तो लोकार्पण भी हम ही करते हैं. किसानों को मिलने वाले उर्वरक में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी. जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्ती की. एमएसएमई मोदी की गारंटी है. आज में 140 करोड़ देशवासियों को नमन करता हूं कि मुसीबतों में खड़े रहे. मुझे राजस्थान रिफाइनरी में खेजड़ी का पौधा लगाने का मौका मिला. नियत साफ हो तो हर संकट दूर होता है और बीजेपी व कांग्रेस में यही अंतर है. हमने जब गुजरात से राजस्थान को पानी देने की बात कि तो बिना संकट के साथ यह मामला साझा किया. यमुना जल पर आपसी सहमति से समाधान निकाला और समझौते पर मुहर लगी. राम जलसेतु योजना भी इसी का परिणाम है.

ज्यादा से ज्यादा घरों को PNG कनेक्शन से जोड़ दिया:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की 90% एलपीजी हॉर्मूज से होकर आ रही थी. अचानक युद्ध के हालातों ने इस सप्लाई को काट दिया. लेकिन राजस्थान की इस धरती ने चुनौतियों से लड़ना सिखाया है. इसलिए हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरी के काम पर फोकस किया. रिफाइनरी में रसोई गैस बनाने को कहा गया, 7 दिन के भीतर LPG के उत्पादन में वृद्धि हुई. पहले 35 हजार मीट्रिक टन उत्पादन होता था, संकट के दौरान 54 हजार मीट्रिक टन हो गया. जिन रिफाइनरियों ने पहले LPG का उत्पादन नहीं होता था, उन्होंने भी LPG उत्पादन किया. साथियों रसोई गैस की डिमांड का पूरा लोड LPG पर ना पड़े सरकार ने इसका भी ध्यान रखा. PNG कनेक्शन यानी पाइप से रसोई गैस के कनेक्शन बढ़ाने का अभियान चलाया गया. ज्यादा से ज्यादा घरों को PNG कनेक्शन से जोड़ दिया. दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं पर बहुत बोझ भी नहीं पड़ने दिया. जो हालात थे उनमें घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत₹2000 तक की जा सकती थी. 

अभी भी दिया जा रहा है घरेलू LPG सिलेंडर कम दाम पर:
बड़े-बड़े मार्केट एक्सपर्ट यही आकलन कर रहे थे. लेकिन हमारे यहां अभी भी घरेलू LPG सिलेंडर कम दाम पर दिया जा रहा है. साथियों युद्ध की वजह से डीजल पेट्रोल पर आया संकट भी बहुत बड़ा था. हमारे देश में तेल के बड़े-बड़े कुएं नहीं है. जब यह संकट बड़ा तो क्रूड ऑयल की कीमत $70 प्रति बैरल से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. रास्ते भी बंद थे दुनिया के कई देशों में डीजल पेट्रोल की कीमतों में 40 से 50% का इजाफा हो गया. कई देशों में तो डीजल पेट्रोल कोट के आधार पर मिलने लगा था. लेकिन भारत में एक दिन भी ऐसे हालात नहीं आए. लोगों को डराया गया, भड़काया गया, राजनीति के खेल भी खेले गए. लेकिन जिनके इरादे गलत थे वह सफल नहीं हो पाए. छोटी-मोटी अड़चन के अलावा सप्लाई की कोई बड़ी चुनौती नहीं आई.

शेखावाटी क्षेत्र के जल संकट को दूर करने का इंतजार भी समाप्त:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छोटे और दूर दराज के क्षेत्र को हर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा. जयपुर में मेट्रो का विस्तार भी होने जा रहा है. भाई बहनों शेखावाटी क्षेत्र के जल संकट को दूर करने का इंतजार भी समाप्त होने जा रहा है.इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया. बड़े-बड़े देश आज ईंधन की कीमत से जूझ रहे हैं, लेकिन साथियों 21वीं सदी के नए भारत की इच्छा शक्ति और भारत के प्रयास इन सब पर भारी पड़े. भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए, संकट के समय रहते सटीक आकलन किया.  प्रभावी रणनीति बनाई, भारत के संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया. भारत की डिप्लोमेटिक पावर का सकारात्मक इस्तेमाल किया और तब जाकर भारत संकट से उबर पाया है.

जोधपुर को नए एयरपोर्ट टर्मिनल की मिली सौगात:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जोधपुर को नए एयरपोर्ट टर्मिनल की सौगात मिली है. सोशल मीडिया पर नए टर्मिनल के आर्किटेक्चर और इंटीरियर की खूब चर्चा हो रही है,
जिसमें राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और मारवाड़ की विरासत की स्पष्ट झलक दिखाई देती है. यह नया टर्मिनल मारवाड़ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को नई गति देगा. तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करेगा. पीएम मोदी ने कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े जोधपुर और आसपास के लोगों का विशेष रूप से अभिवादन भी किया.

पचपदरा से दी प्रदेश को बड़ी सौगातें:
पीएम मोदी ने पचपदरा से प्रदेश को बड़ी सौगातें दी. लगभग 1.06 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित किया. परियोजना पर लगभग 79,450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का भी शिलान्यास किया. जिसकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपए से अधिक है. लगभग 900 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित चूरू-सादुलपुर (58 किमी), चूरू-रतनगढ़ (46 किमी) रेल दोहरीकरण परियोजनाओं का लोकार्पण किया.  NH-125A के जोधपुर रिंग रोड सेक्शन-2 (करवड़–डांगियावास) के फोरलेन निर्माण कार्य का भी लोकार्पण किया. 740 करोड़ रुपए की लागत से यह परियोजना विकसित है. एसजेवीएन लिमिटेड की 1,000 मेगावाट क्षमता वाली बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना का लोकार्पण किया. करीब 5,500 करोड़ रुपए के निवेश से यह परियोजना विकसित है. NHPC की 300 मेगावाट क्षमता वाली करणीसर, बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना राष्ट्र को समर्पित है. 1,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित विद्युत पारेषण लाइन का भी लोकार्पण किया. राजस्थान आरईजेड के लिए 530 किलोमीटर लंबी विद्युत पारेषण प्रणाली की आधारशिला रखी.