प्राकृतिक खेती कार्यशाला और किसान सम्मेलन ; मदन राठौड़ बोले- प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को उचित मूल्य मिल सके इस दिशा में काम होना चाहिए

प्राकृतिक खेती कार्यशाला और किसान सम्मेलन ; मदन राठौड़ बोले- प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को उचित मूल्य मिल सके इस दिशा में काम होना चाहिए

जयपुर: जयपुर के SMS इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला और किसान सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि हमारे यहां किसान मोर्चा का अध्यक्ष बनने की होड़ रहती है. भागीरथ चौधरी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष थे फिर केंद्र सरकार में मंत्री बने.

कैलाश चौधरी भी किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष थे फिर केंद्र सरकार में मंत्री बने. सांवर लाल जाट भी पहले किसान मोर्चा अध्यक्ष रहे थे फिर केंद्र में मंत्री बने. किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी भी आगे बढ़ेंगे. उनकी निगाहें गढ़ी है. उनके मन की इच्छा पूरी होगी ये मेरी कामना है.

किसान की उपज को जो प्राकृतिक खेती करे उसे उचित मूल्य मिल सके इस दिशा में काम होना चाहिए. हमारे पीएम इस दिशा में काम करे रहे हैं. ढाई हजार करोड़ केवल प्राकृतिक खेती के लिए दिया.जहर खिलाने का काम ना करे. फल जो बड़ा दिखता है वो जैविक नहीं है प्राकृतिक नहीं वो रासायनिक है. हमारी भूमि की उर्वर क्षमता बनाए रखे यही मेरा निवेदन है.

दयानंद सरस्वती ने किसान को राजाओं का भी राजा कहा: आचार्य देवव्रत 
इसके बाद गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत का कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं सीएम भजन लाल शर्मा जी और कैलाश चौधरी का विशेष धन्यवाद करता हूं. जिन्होंने पूरे प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को बुलाया. वो भी भीषण गर्मी में एक तरह से स्टीम बाथ ले रहे हैं. स्वामी दयानंद सरस्वती ने किसान को राजाओं का भी राजा कहा है. ये वो व्यक्तित्व है जो प्राणी मात्र का पेट भरता है.

में आज भी मैं प्राकृतिक खेती करता हूं: आचार्य देवव्रत 
पक्षी ,पशु भी पेट भरते किसान के खेत हैं उत्तम खेती क्यों कहते थे. क्योंकि किसान अपनी मेहनत से कमाता है. जो पैदा करता है वो सबको देता है. ये उत्तम विचार है. किसान प्राकृतिक खेती करने से बचते है. उन्हें लगता है उत्पादन घट जाएगा. आजीवन में बच्चे पढ़ता रहा हूं. मैं प्रैक्टिकल बात करूंगा. केवल भाषण के लिए नहीं, मैं खुद किसान हूं. किसान के घर में जन्म हुआ. आज भी मैं खेती करता हूं. कुरुक्षेत्र में आज भी मैं प्राकृतिक खेती करता हूं.