VIDEO: द्रव्यवती नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को लेकर बड़ी खबर, इस अगस्त तक प्रोजेक्ट के "भाग्य" का हो जाएगा फैसला, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजधानी जयपुर की द्रव्यवती नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खबर है. करीब 5 हजार करोड़ रुपए लागत के इस प्रोजेक्ट के "भाग्य" का फैसला अगले महीने तक हो जाएगा. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इसी वर्ष 27 फरवरी को मौजूदा वित्तीय वर्ष के वित्त व विनियोग विधेयक पर हुई चर्चा के जवाब में इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी. इसके तहत द्रव्यवती नदी पर 36 किलोमीटर लंबाई में एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस घोषणा को मूर्त रूप देते हुए जेडीए ने प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने के लिए फर्म का चयन कर लिया है और फर्म ने मौके पर सर्वे का काम शुरू कर दिया है.

द्रव्यवती नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को लेकर बड़ी खबर: 
-इस अगस्त तक प्रोजेक्ट के "भाग्य" का हो जाएगा फैसला
-5 हजार करोड़ रुपए के लागत के इस प्रोजेक्ट का होगा फैसला
-जेडीए की ओर से चयनित कंसल्टेंसी फर्म ने काम किया शुरू
-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का काम किया शुरू
-फर्म अगस्त तक जेडीए को सौंप देगी फिजिबिलिटी रिपोर्ट
-इस रिपोर्ट में पता चलेगा कि प्रोजेक्ट फिजिबल है या नहीं
-प्रोजेक्ट को मौके पर क्रियान्वित किया जा सकता है या नहीं
-और अगर प्रोजेक्ट फिजिबल है तो कैसे किया जा सकता है क्रियान्वित
-प्रोजेक्ट फिजिबल हुआ तो फर्म तैयार करेगी प्रोजेक्ट की डीपीआर
-नवंबर तक प्रोजेक्ट की डीपीआर की जाएगी तैयार
-5.08 करोड़ रुपए की लागत से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने
-और डीपीआर तैयार करने का होगा काम

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने में कई तरह की मुश्किलें है. लेकिन अगर यह प्रोजेक्ट पूरा किया जाता है तो शहर के यातायात सुधार में यह मील का पत्थर साबित हो सकता है.

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की राह में हैं कुछ मुश्किलें:
-टोंक रोड पर बंबाला पुलिया पर मेट्रो का प्रस्तावित एलिवेटेड कोरिडोर,
-नारायणा हॉस्पिटल पुलिया से आगे IOCL की भूमिगत पाइप लाइन और
-इससे आगे 1000 मीटर लंबा रामचंद्रपुरा डैम है
-इन तमाम निर्माण,हाईटेंशन लाइन और
-विभिन्न प्रकार के डैम को देखते हुई किस तरह यह प्रोजेक्ट है फिजिबल
-इसको लेकर ही डीपीआर में दी जाएगी जानकारी
-इस प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट में जो आएंगी शहर की प्रमुख सड़कें
-उन सड़कों पर उतरने और उन सड़कों से एलिवेटेड पर चढ़ने के लिए होंगे प्रस्तावित
-इस प्रोजेक्ट में क्लोवर लीफ किए जाएंगे प्रस्तावित
-इस प्रोजेक्ट का काम पूरा होने में चार से पांच साल लगने की है संभावना
-इस 36 किमी लंबी एलिवेटेड रोड की राह में सीकर डैम,
-दो किलोमीटर से अधिक लंबाई में सैन्य छावनी क्षेत्र,
-सुशीलपुरा पुलिया पर अजमेर एलिवेटेड रोड,
-आतिश मार्केट पर जयपुर मेट्रो का एलिवेटेड कोरिडोर,
-शिप्रा पथ पर टेक्नोलोजी पार्क पर हाईटेंशन लाइन,
-सांगा सेतु पुलिया पर जेडीए का प्रस्तावित एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट
-इसके आगे है 1 हजार मीटर लंबा गूलर बांध
-यह नदी करीब 42 किमी लंबाई में आपस में है जोड़ती
-शहर के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ती है यह द्रव्यवती नदी
-इस नदी के दोनों तरफ हैं शहर की घनी आबादी के कई इलाके
-नदी पर बनी एलिवेटेड रोड पर आवागमन से हो जाएगा कम
-शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव होगा कम
-जिन वाहन चालकों को इस नदी के एक छोर से दूसरे छोर की तरफ
-और नदी के पास बसे इलाकों में करना होता है आवागमन
-वे वाहन चालक इस नदी पर एलिवेटेड का कर सकेंगे उपयोग