VIDEO: मानसून की मेहर भर रही बांधों की झोली, 24 घंटे के दौरान बांधों की कुल भराव क्षमता में 75.6 एमक्यूएम की बढ़ोतरी, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: मानसून की मेहर भर रही बांधों की झोली, 24 घंटे के दौरान बांधों की कुल भराव क्षमता में 75.6 एमक्यूएम की बढ़ोतरी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: मानसून की मेहर  का लंबा इंतजार करने के बाद अब लगता है कि बांधों का जलस्तर बढ़ेगा और अगले साल के लिए पेयजल और सिंचाई के पानी का पूरा इंतजाम भी हो जाएगा. अच्छी बात तो यह है कि पिछले 24 घंटे की झमाझम के बीच प्रदेश के बांधों में सीजन का सबसे ज्यादा पानी आया. अभी तो अगस्त और सितंबर की बारिश का इंतजार है कि जब बांधों पर चादर भी चलती दिखाई देगी. कितना पानी आया और बांधों की वर्तमान स्थिति कैसी है.

जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून की मेहर क्या बरसी. किसानों के चेहरे खिल गए और बांधों में पानी की आवक में तेजी आई है. पिछले 24 घंटे की बात करें तो बांधों में सीजन का सबसे ज्यादा पानी 75.6 एमक्यूएम आया. साथ बांधों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई. उधर, प्रदेश के बड़े बांधों का जलस्तर भी धीमी रफ्तार से बढ़ना शुरू हो गया है. प्रदेश के बांधों की कुल भराव क्षमता 46 प्रतिशत को पार कर गई. हालांकि पिछले साल से 23 प्रतिशत का आंकड़ा पीछे चल रहा है. लेकिन जुलाई के अभी सात दिन बाकी है और अगस्त के पहले पखवाड़े में मेघ जमकर बरसेंगे. उस दौरान यह कमी भी पूरी होने की उम्मीद कायम है.

प्रदेश में 1 जून से 23 जुलाई तक बारिश की स्थिति 
ब्यावर, बीकानेर, डीडवाना-कुचामन, फलोदी और सलूंबर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज 
( इन जिलों में 20 से 59 प्रतिशत के बीच अधिक बारिश)
अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, डीग, धौलपुर, गंगानगर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, प्रतापगढ़, सीकर और टोंक में सामान्य बारिश दर्ज 
( इन जिलों में 19 प्रतिशत से माइनस 19 प्रतिशत बारिश)
बालोतरा, बांसवाड़ा, बाड़मेर, दौसा, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, खैरथल-तिजारा, पाली, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सिरोही और उदयपुर में सामान्य से कम बारिश 
( इन जिलों में माइनस 209 से माइनस 59 के बीच बारिश) 

बतादें कि इस सीजन बांधों में दस बार पानी की आवक हुई, लेकिन जलस्तर पर असर नहीं पड़ सका. लेकिन पिछले दो दिन की बारिश ने बांधों की कुल भराव क्षमता में एक प्रतिशत तक इजाफा किया है. कुछ छोटे बांध लबालब हो गए और अब बड़े बांधों का इंतजार किया जा रहा है. प्रदेश में अभी कोटा जोन के बांधों में सबसे ज्यादा कुल भराव क्षमता का 58.09 प्रतिशत है.

बड़े बांधों का वर्तमान जलस्तर 
राणा प्रताप सागर का जलस्तर 347.23 RL मीटर 
कोटा बैराज का जलस्तर  259.98 RL मीटर 
जवाहर सागर का जलस्तर 296.39 RL मीटर
माही बजाज सागर का जलस्तर 270.80 RL मीटर
बीसलपुर बांध का जलस्तर 313.62 RL मीटर
ईसरदा बांध का जलस्तर 252.38 RL मीटर
मोरेल बांध का जलस्तर 9.14 RL मीटर
पार्वती बांध का जलस्तर 217.60 RL मीटर
गुढ़ा बांध का जलस्तर 8.60 RL मीटर
जवाई बांध का जलस्तर 9.45 RL मीटर
मेजा बांध का जलस्तर 5.94 RL मीटर
सोम कमला अंबा बांध का जलस्तर 10.40 RL मीटर
राजसमंद बांध का जलस्तर 6.04 RL मीटर
जय समंद का जलस्तर 3.94 RL मीटर
जाखम बांध का जलस्तर 21.65 RL मीटर

प्रदेश में बरस रही मानसून की झमाझम अभी राहत दे रही है और माना जा रहा है कि अगस्त और सितंबर की बारिश तरबतर कर देगी. प्रदेशवासियों को उम्मीद है कि बांधों में इतना पानी आएगा कि रबी के लिए किसानों की चिंता मिलेगी और पेयजल का इंतजाम भी हो जाएगा.