चार दशक बाद नक्की झील के विकास को मिली रफ्तार, सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों ने पकड़ी गति, सड़क किनारे बनाई जाएगी जेब्रा दीवार

सिरोही (अशोक कुमावत): पर्यटन नगरी माउंट आबू की विश्व प्रसिद्ध नक्की झील के विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर अब लंबे समय बाद धरातल पर काम शुरू होता नजर आ रहा है. करीब चार दशक बाद नक्की झील क्षेत्र के विकास को लेकर विभिन्न सरकारी विभाग एकजुट होकर काम कर रहे हैं. नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य की अगुवाई में नगर पालिका, जोधपुर विद्युत वितरण निगम और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी विकास कार्यों को गति देने में जुटे हैं.

नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम नक्की झील क्षेत्र पहुंचे. यहां सड़क को चौड़ा और व्यवस्थित बनाने की योजना के तहत विद्युत लाइनों को शिफ्ट करने का काम शुरू करवाया गया. बिजली की लाइनों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सड़क किनारे जेब्रा दीवार का निर्माण कराया जाएगा. इससे सड़क को बेहतर स्वरूप मिलने के साथ नक्की झील क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी.

नक्की झील के चारों ओर विकास और सौंदर्यीकरण की योजना के तहत अलग-अलग स्थानों पर कार्य करवाए जा रहे हैं. महादेव घाट के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है. योजना के तहत झील के आसपास के रास्तों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाकर पर्यटकों के लिए सुविधाजनक और आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है. माउंट आबू में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन स्थलों के विकास की मांग उठती रही है. ऐसे में नगर पालिका, विद्युत निगम और सार्वजनिक निर्माण विभाग के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों को गति मिलना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

नक्की झील माउंट आबू का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां सालभर बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में सड़क चौड़ीकरण, घाटों का विकास और सौंदर्यीकरण होने से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. नगर पालिका अध्यक्ष सुनील आचार्य ने मौके पर अधिकारियों के साथ चल रहे कार्यों का जायजा लिया और विभागीय समन्वय के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. अवकाश के दिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में काम शुरू होना नक्की झील के विकास की दिशा में नई पहल के रूप में देखा जा रहा है.