नेशनल वुमन फॉक आर्ट एवं क्राफ्ट वर्कशॉप का समापन : डिप्टी सीएम दीया कुमारी बोलीं- हमारी कला संस्कृति को आगे बढ़ाना हम सब की जिम्मेदारी

नेशनल वुमन फॉक आर्ट एवं क्राफ्ट वर्कशॉप का समापन : डिप्टी सीएम दीया कुमारी बोलीं- हमारी कला संस्कृति को आगे बढ़ाना हम सब की जिम्मेदारी

जयपुर : राजस्थान विश्विद्यालय में आयोजित फर्स्ट इंडिया की ओर से नेशनल वुमन फॉक आर्ट एवं क्राफ्ट वर्कशॉप का आज समापन हुआ. इस अवसर पर राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि पूरे भारत से यहां आई महिला लोक कलाकारों को बधाई देती हूं. राजस्थान यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस की बधाई देती हूं. 

अलग राज्य की लोक कला हमारे स्टूडेंट्स को एक नई दिशा देगी. लोक कला एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आती तो फल फूलती है. मैं फर्स्ट इंडिया को खासतौर पर बधाई देती हूं. इस तरह के सामाजिक सरकारों के काम में फर्स्ट इंडिया हमेशा आगे रहता है.  चाहे टूरिज्म की बात हो फॉरेस्ट, पर्यावरण सहित कला इस तरह के कार्यक्रम हमेशा से करता आया है.

ट्रेडिशनल आर्ट को लेकर अगर यूनिवर्सिटी को कोई कोर्स शुरू करती तो सरकार साथ में आती है. हमारी सरकार का उद्देश्य है हम हमारी कलाओं को कैसे आगे बढ़ाए ? हम महिलाओं के साथ कैसे हमारे हैरिटेज को आगे बढ़ाए ? हमारी कला संस्कृति को आगे बढ़ाना हम सब की जिम्मेदारी है. राजस्थान का इतिहास सबसे समृद्ध इतिहास है. हमें गर्व है कि हम राजस्थान से हैं. हमारे इतिहास के बारे में सही जानकारी होना हमारी जिम्मेदारी है.

इससे पहले फर्स्ट इंडिया के CEO एंड मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा ने कहा कि आज बेहतरीन मौका है आज राजस्थान विश्विद्यालय का 80वां स्थापना दिवस है इसकी में बधाई देता हूं. पिछले सात दिन से यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक माहौल ही नहीं रहा अपितु संस्कृति, अनुभव का जीवंत मंचन देखने को मिला. भारत सांस्कृतिक विविधिता से भरा पड़ा हुआ. लेकिन आज के दौर में हमें लोककला को बचाना है. अलग-अलग राज्य की कला आज युवा पीढ़ी में शिफ्ट हो रही है.

पवन अरोड़ा ने कहा कि राजस्थान की लोक कला,शिल्प,स्थापत्य कला सहित बहुत ही शानदार है. हम हमारे आर्ट कैंप को टूरिस्ट के बीच में लेके जा सकते है. हम हमारी लोक कलाओं को दूसरे तक पहुंचा सकते है. लोक कलाओं के माध्यम से पुरानी सभ्यताओं का पता चलता है. मुख्य अतिथि के तौर पर डिप्टी CM दीया कुमारी ने समारोह में शिरकत की. फर्स्ट इंडिया के CEO एंड मैनेजिंग एडिटर पवन अरोड़ा, राजस्थान यूनिवर्सिटी की कुलगुरु अल्पना कटेजा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. 2 जनवरी को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया था.