जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र जारी है. विधानसभा में प्रताप सिंह सिंघवी ने संबोधित करते हुए कहा कि पिछला कांग्रेस राज अंधा युग था. मौजूदा सरकार ने पेयजल पर विशेष तौर पर फोकस किया. छीपाबड़ौद की बड़ी मांग को बजट में पूरा किया. इसके लिए सीएम और वित्त मंत्री का आभार जताया. मेरी मांग है शेरगढ़ सेंचुरी को लेकर चीता के लिए उपयुक्त जगह है. फॉरेस्ट भी ये मानता है,मुकुंदरा से चीता शेरगढ़ शिफ्ट किया जाए. MLA लैंड से अभिशंषा हो जाती है. पैसा भी रिलीज हो जाता है लेकिन कार्य नहीं शुरू होता.
राजस्थान विधानसभा में विधायक शांति धारीवाल ने कहा कि सीवरेज में जो 43 काम हुए उनमें 37 हमारे समय के है, वो ही आज चल रहे,शेष 6 के काम आज तक नहीं हुए. ये हाल सरकार का है. विधानसभा में शांति धारीवाल ने कहा कि मनरेगा में बदलाव राज्य हित में नहीं है. गोडावण संरक्षण एरिया में सोलर पावर प्लांट पर रोक की बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे दिए हैं. जबकि सोलर प्लांट को लेकर जैसलमेर-बीकानेर में कितने MoU कर लिए हैं ? अब विकल्प तलाश किए क्या किया सरकार ने? विकल्प है गंग केनाल,INGP केनाल विकल्प हो सकते हैं. खेजड़ी के कारण वैसे सोलर प्लांट नहीं बना सकते.
शांति धारीवाल का संबोधन:
विधानसभा में शांति धारीवाल ने बजट पर चर्चा के दौरान अपनी बात रखते हुए कहा कि ऋण चुकाने के लिए राजस्व की राशि नहीं है. केंद्र के करों का पैसा बढ़ता जा रहा है. राजस्थान का हिस्सा घटता जा रहा,वित्तीय स्थिति चिंताजनक है. शांति धारीवाल ने कहा कि सैकड़ों मंदिरों के विकास की घोषणा कर दी. पूंछरी का लौठा समेत 50 मंदिरों के जीर्णोद्धार की घोषणा की, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ. चाहे ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा और ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर हो.
यह बजट सिर्फ हैडलाइन मैनेजमेंट:
इससे पहले सदन में गोविंद डोटासरा ने कहा कि यमुना योजना में अब तक सौ रुपए नहीं मिले. JJM में 17 हजार करोड़ लेप्स हो गए. 45 लाख कनेक्शन का दावा किया था, 14 लाख ही कनेक्शन हुए. बजरी खनन सरकार का प्रमुख उद्योग बन गया. ऊपर तक हिस्सा नहीं मिला तो पांच थानेदार सस्पेंड कर दिए. हमारी सरकार के समय पूरा कंट्रोल था. गोविंद डोटासरा ने कहा कि यह बजट सिर्फ हैडलाइन मैनेजमेंट है', '60 हजार करोड़ का बजट सरकार ने सरेंडर कर दिया. ब्यूरोक्रेट्स कब्जे में नहीं आ रहे. भ्रष्टाचार करने में इनको बड़ा मजा आता है. विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर कोटा में दौलतगंज, रंगबाड़ी और काला तालाब को सरंक्षित व पुनर्जीवित करवाने का मुद्दा सामने आया. विधायक संदीप शर्मा के प्रस्ताव पर UDH मंत्री झाबर सिंह ने सदन में जवाब दिया. विभिन्न तालाब की मौजूदा स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि किसी पर बाजार बन गए किसी पर आबादी बस गई. कुछ तालाब के रिकॉर्ड ही उपलब्ध ही नहीं है. रंगबाड़ी तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा.
सरंक्षण के लिए प्रयास करेंगे:
मंत्री ने कहा कि सरंक्षण के लिए प्रयास करेंगे. संदीप शर्मा ने कहा कि 19 में से अब सिर्फ चार तालाब मौजूद है. पूर्ववर्ती सरकार के समय कॉलोनी बस गई, कब्जे हो गए. संदीप शर्मा ने कहा-'सब पूर्व सरकार के काम है. झाबर सिंह खर्रा ने कहा-'यह कटु सत्य है कि अनियोजित तरीके से बसावट हुई है. राज्य में जितने भी तालाब है उनकी लिस्ट मंगवाकर तालाबों को बचाया जाएगा.