VIDEO: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य क्षेत्र में राजस्थान की प्रगति एवं प्रयासों को सराहा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित केंद्र प्रवर्तित योजनाओं एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई. नड्डा ने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन एवं गांव-ढाणी तक स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम पहुंच के लिए राजस्थान सरकार के प्रयासों को सराहा. उन्होंने विभिन्न नवाचारों के माध्यम से स्वास्थ्य मानकों को बेहतर करने की दिशा में उठाए गए कदमों की भी प्रशंसा की.

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने बैठक में राजस्थान के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, टीबी मुक्त भारत अभियान, दवा एवं जांच सेवाएं, मानव संसाधन, औषधि नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा एवं सार्वजनिक-निजी सहभागिता जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और इन कार्यक्रमों में राजस्थान द्वारा किए गए बेहतरीन प्रयासों को सराहा. साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को और उन्नत किए जाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए.इस मौके पर नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संवेदनशील नेतृत्व एवं दूरदर्शी विजन के साथ गांव—गरीब तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करते हुए आयुष्मान भारत का संकल्प साकार किया जा रहा है. प्रसन्नता की बात है कि राजस्थान इस संकल्प की प्राप्ति में उल्लेखनीय प्रयास करते हुए नए आयाम स्थापित कर रहा है. उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों में राजस्थान की प्रगति, मिशन मोड में भर्तियां करने, टीबी मुक्त प्रदेश तथा औषधि नियंत्रण के क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की.

हर जिला अस्पताल में हो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र:
-केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
-उन्होंने कहा कि आमजन को रियायती दरों पर दवा की उपलब्धता के लिए सभी जिला अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र तथा 
-मे​डिकल कॉलेज अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र व अमृत फार्मेसी स्थापित की जाएं
-टीबी मुक्त प्रदेश की दिशा में छूटे हुए क्षेत्रों में स्क्रीनिंग एवं 
-उपचार के​ लिए फरवरी माह से 100 दिवसीय अभियान चलाया जाए
-इसमें जनप्रतिनिधियों की भी व्यापक स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित की जाए
उन्होंने निर्देश दिए कि मिलावट के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए
-साथ ही, नकली दवाओं एवं दवाओं के अवैध कारोबार पर भी प्रभावी रूप से रोकथाम की जाए
-ब्लड बैंकों का नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित किया जाए

संवेदनशील आबादी में टीबी की 97 प्रतिशत स्क्रीनिंग:
-केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की समीक्षा बैठक में दी गई जानकारी
-बैठक में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने दी जानकारी
-राजस्थान द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अर्जित उल्लेखनीय प्रगति की दी जानकारी
-उन्होंने बताया कि जनवरी से नवंबर 2025 के दौरान राज्य में 99 प्रतिशत टीबी केस का नोटिफिकेशन किया गया है
-98 प्रतिशत निजी क्षेत्र की रिपोर्टिंग दर्ज की गई संवेदनशील आबादी की 97 प्रतिशत स्क्रीनिंग कर राजस्थान देश में अग्रणी राज्य है
साथ ही, 84 प्रतिशत लाभार्थियों को ‘निक्षय मित्र’ के माध्यम से पोषण सहायता उपलब्ध -कराई गई है टीबी की शीघ्र पहचान हेतु AI आधारित हैंड-हेल्ड एक्स-रे, 
-अपफ्रंट टेस्टिंग तथा जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है

नि:शुल्क दवा योजना में इस साल 14 करोड़ लाभान्वित:
-केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की समीक्षा बैठक में दी गई जानकारी
-बैठक में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताई उपलब्धियां 
-उन्होंने बताया कि प्रदेश में नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना काहो रहा बेहतरीन संचालन 
-केंद्र सरकार के हब एण्ड स्पॉक मॉडल को लागू करते हुए प्रदेश में जांच सेवाओं का विस्तार किया गया है
-इससे बड़े शहरों से लेकर गांव-कस्बों तक जांचों की संख्या बढ़ी है
-साथ ही, नि:शुल्क दवा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 नवीन दवा वितरण केंद्रों की स्वीकृति जारी की गई है
-योजना के तहत वर्ष 2025-26 में नवम्बर माह तक करीब 14 करोड़ रोगियों को लाभान्वित किया गया है
-ई-औषधि (DVDMS) प्रणाली के माध्यम से दवा आपूर्ति को और सुदृढ़ किया गया है 

बैठक में चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मानव संसाधन, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने औषधि नियंत्रण के क्षेत्र में राजस्थान द्वारा स्प्यूरियस एवं सब-स्टैंडर्ड दवाओं पर प्रभावी नियंत्रण, SSDRS योजना के तहत 99.96 प्रतिशत फंड उपयोग तथा ड्रग कंट्रोल विंग के सुदृढ़ीकरण की जानकारी दी.

SSDRS योजना में 99% से अधिक फंड का उपयोग:
-केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की समीक्षा बैठक में दी गई जानकारी
-PHS गायत्री राठौड़ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मानव संसाधन, 
-चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की दी जानकारी
-उन्होंने औषधि नियंत्रण के क्षेत्र में राजस्थान द्वारा नकली एवं 
-सब-स्टैंडर्ड दवाओं पर प्रभावी नियंत्रण, SSDRS योजना के तहत 99.96 प्रतिशत फंड -उपयोग तथा ड्रग कंट्रोल विंग के सुदृढ़ीकरण की दी जानकारी  साथ ही ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में आवश्यक संशोधनों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की
-बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं मानक के तहत राज्य में निरीक्षण, सैंपलिंग, 
-प्रयोगशालाओं की क्षमता तथा फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई
-खाद्य पदार्थों में रंगों, ट्रांस-फैट, शिशु आहार एवं लेबलिंग से संबंधित सुझाव भी बैठक में रखे गए

बैठक में केंद्र सरकार से PM-ABHIM के अंतर्गत स्वीकृत संसाधन सीमा के भीतर पुनर्विनियोग प्रस्ताव, कोविड-19 में शहीद स्वास्थ्य कर्मियों के लंबित बीमा मामलों तथा एनएचएम कर्मचारियों के नियमितीकरण के पश्चात केंद्र सरकार से निरंतर वित्तीय सहयोग का अनुरोध भी किया गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लंबित विषयों के शीघ्र समाधान के लिए आश्वस्त किया. इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव आराधना पटनायक, सीईओ एफएसएसएआई रजित पुन्हानी, राजस्थान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव, अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.